यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सहमति के बाद बन गई बात, अब मेट्रो कर्मी नहीं करेंगे हड़ताल
दिल्ली मेट्रो के कर्मचारी यूनियन को स्वीकृति देने की मांग नहीं मानी गई है पर हड़ताल वापस ले ली गई है।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। मेट्रो के कर्मचारियों द्वारा हड़ताल की घोषणा से डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल निगम) ही नहीं बल्कि केंद्र व दिल्ली सरकार के अधिकारियों की धड़कने बढ़ गईं थीं। लिहाजा केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय व दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव के हस्तक्षेप व लगातार दो दिन घंटों हुई बैठक के बाद डीएमआरसी ने मेट्रो कर्मियों की ज्यादातर मांगे मान ली हैं।
स्टाफ काउंसिल ने सोमवार से घोषित हड़ताल व मेट्रो का परिचालन ठप करने का ऐलान वापस ले लिया है। डीएमआरसी ने बयान जारी कर कहा है कि सोमवार को सामान्य दिनों की तरह ही दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो का परिचालन होगा।
रोजाना लगभग 27.50 लाख यात्री सफर करते हैं
डीएमआरसी की इस घोषणा से लोगों को भी राहत मिली है क्योंकि मेट्रो में प्रतिदिन औसतन 27.50 लाख यात्री सफर करते हैं। पहले साप्ताहिक कार्य दिवस सोमवार व मंगलवार को मेट्रो में यात्रियों की भीड़ ज्यादा होती है। मेट्रो से काफी संख्या में लोग दिल्ली-एनसीआर के शहरों में दफ्तर जाते हैं।
चला बैठकों का दौर
यदि स्टाफ काउंसिल के आह्वान पर हड़ताल होती तो दिल्ली-एनसीआर में परिवहन व्यवस्था चरमराना तय था। इसके मद्देनजर शनिवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव डीएस मिश्रा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव एमएम कुट्टी व डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह व स्टाफ काउंसिल के पदाधिकारी शामिल हुए। यह बैठक देर रात तक चली।
आपसी सहमति से बनी बात
रविवार को मेट्रो कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया और मांगों को लेकर सैकड़ों कर्मचारी मेट्रो भवन कार्यालय के बाहर डटे रहे। इसलिए सुबह मे मेट्रो प्रबंधन व स्टाफ काउंसिल के पदाधिकारियों के बीच करीब पांच घंटे तक बैठक हुई। इसके बाद शाम को दोबारा बैठक हुई। डीएमआरसी का कहना है कि कई दौर की बैठकों के बाद आपसी सहमति से कर्मचारियों की मांगों का निदान निकाल लिया गया है।
21 जुलाई से हो रहा था प्रदर्शन
ज्ञात हो कि दिल्ली मेट्रो के कर्मचारी तीन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई वापस लेने व वेतनमान में वृद्धि की मांग को लेकर 21 जुलाई से प्रदर्शन कर रहे थे। स्टाफ काउंसिल के अनुसार डीएमआरसी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई में एक कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है व दो कर्मचारियों को मेजर पेनाल्टी का नोटिस दिया है।
कर्मचारी यूनियन को स्वीकृति देने की मांग नहीं मानी गई
काउंसिल के पदाधिकारियों का कहना है कि डीएमआरसी वेतनमान में वृद्धि, कर्मचारी की बर्खास्तगी रद करने व दो कर्मचारियों को जारी मेजर पेनाल्टी का नोटिस वापस लेने का लिखित भरोसा दिया है। हालांकि, दिल्ली मेट्रो के कर्मचारी यूनियन को स्वीकृति देने की मांग नहीं मानी गई है पर हड़ताल वापस ले ली गई है।
