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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूजीसी के फरमान से सकते में कॉलेज

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Published: Sun, 16 Aug 2015 09:01 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा डीयू के ट्रस्ट वाले कॉलेजों के अ

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा डीयू के ट्रस्ट वाले कॉलेजों के अनुदान में 5 फीसद की कमी का एलान किया गया है। आयोग की ओर से लिखे पत्र में कहा गया है कि यदि ट्रस्ट अपने कॉलेज को 5 फीसद का अनुदान नहीं देता है तो यूजीसी अनुदान से इतनी रकम की कटौती कर लेगा। यदि ऐसी स्थिति बनती है तो शिक्षकों के वेतन पर भी असर पड़ने की संभावना है।

डीयू में 18 कॉलेज ऐसे हैं, जो ट्रस्ट के माध्यम से चलते हैं। इसमें रामजस, ¨हदू, किरोड़ीमल, श्रीवेंकटेश्वर, एआरएसडी प्रमुख हैं। यूजीसी का यह फरमान सभी डे कॉलेजों के लिए है। फरमान के बाद डीयू के शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध किया है और यूजीसी से इसे वापस लेने के लिए कहा है। डूटा अध्यक्ष नंदिता नारायण ने कहा कि यह फरमान पूरी तरह से गलत है। यह निजीकरण की दिशा में किया गया प्रयास है। यूजीसी चाहता है कि छात्रों की फीस बढ़ाकर यह कमी पूरी की जाए। हम इसे तत्काल वापस लेने की मांग करते हैं। एएडी के अध्यक्ष आदित्य नारायण मिश्रा का कहना है कि केंद्र सरकार विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमला करने के बाद अब आर्थिक रूप से भी पंगु करना चाहती है। उन्होंने कहा कि हम इसका व्यापक पैमाने पर विरोध करेंगे।