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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीबीसीएस के विरोध में आइसा का प्रदर्शन

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Published: Thu, 11 Jun 2015 08:19 PM (IST)

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सी

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के विरोध में बृहस्पतिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया और मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी), विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) तथा दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन का पुतला फूंका। इसमें जामिया व जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र भी शामिल हुए। छात्र-छात्राएं इस बात से आक्रोशित थे कि न तो यूजीसी और न नही एमएचआरडी द्वारा सीबीसीएस के बारे में सही जानकारी दी जा रही है।

जवाहरलाल नेहरू छात्रसंघ के अध्यक्ष आशुतोष ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुनने में आया है कि यूजीसी के अधिकारी और भाजपा व एबीवीपी के कार्यकर्ता पहले से जेएनयू में सीबीसीएस होने का दावा कर इसे सही ठहरा रहे हैं। आशुतोष ने कहा कि ये गलत तथ्य है। जेएनयू का कोर्स इस कोर्स से एकदम अलग है। जेएनयू के कोर्स में छात्रों, शिक्षकों की आवाज, आधारभूत संरचना, चुनने और न चुनने की आजादी की बारीकी से पड़ताल होती है।

आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुचेता डे ने कहा कि सीबीसीएस व रूसा और सेंट्रल यूनिवर्सिटी बिल के खिलाफ आदोलन पूरे देश में नया आकार ले रहा है। शर्मनाक ढंग से 66 विषयों के मॉडल सिलेबस वेबसाइट पर डाल कर मात्र 15 दिनों के भीतर फीडबैक देने को कहा गया है। इससे साफ होता है कि केंद्र सरकार की मंशा ठीक नहीं है।