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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 23, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डूटा की बैठक में उठा तदर्थ शिक्षकों का मामला

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Published: Fri, 23 May 2014 10:04 PM (IST)

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : नार्थ कैंपस में दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) की बैठक में तदर्थ शिक्षकों की जगह अतिथि शिक्षकों को रखने के मामले को लेकर आपात बैठक बुलाई। डूटा अध्यक्ष नंदिता नारायण ने कहा कि यूजीसी के फरमान के बाद तदर्थ शिक्षक हताश हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि यूजीसी के अधिकारियों से मिलकर इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करें। डूटा के प्रतिनिधि भी इस पर एक्शन प्लान बनाएंगे। एकेडमिक फॉर एक्शन एंड डेवलपमेंट के अध्यक्ष डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा ने कहा कि तदर्थ शिक्षकों के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यूजीसी लगातार विश्वविद्यालय की स्वायत्तता में दखल दे रहा है।

हालांकि एक तदर्थ शिक्षक का कहना है कि उनके सम्मान और रोजगार की चिंता न तो शिक्षक संगठनों को है और न ही कॉलेज को। यूजीसी का फरमान तदर्थ शिक्षकों को मानसिक रूप से परेशान करने वाला है।