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सरकारी नौकरी युवाओं की पहली पसंद

Publish Date:Sat, 31 Aug 2013 01:03 AM (IST) | Updated Date:Sat, 31 Aug 2013 01:04 AM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : कॉरपोरेट जगत के बढ़ते दबदबे के इस युग में निजी क्षेत्र में युवाओं को भले वेतन के मोटे-मोटे पैकेज मिल रहे हों, लेकिन दिल्ली के नौजवानों में सरकारी नौकरी का क्रेज बरकरार है। शिक्षक बनने तथा दिल्ली पुलिस की नौकरी की चाहत रखने वाले युवाओं की अच्छी-खासी संख्या है। यह खुलासा दिल्ली सरकार की एक रिपोर्ट में हुआ है। दिल्ली सरकार के मानव विकास रिपोर्ट (एचडीआर) 2013 में यह दावा किया गया है। शनिवार को भारत के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी इस रिपोर्ट को जारी करेंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली के लोग शहर में उपलब्ध सुविधाओं से बेहद खुश हैं। उन्हें गुणवत्तापूर्ण जिंदगी हासिल है। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा नागरिक सुरक्षा के मामले में दिल्ली के माहौल से यहां के लोग संतुष्ट हैं। यह दीगर बात है कि सुरक्षा का मामला पिछले काफी दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। समझा जा रहा है कि विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के लिए यह रिपोर्ट बेहद कारगार साबित होगी।

दिल्ली सरकार की रिपोर्ट एक सर्वे पर आधारित है, जिसके तहत शहर के आठ हजार परिवारों को शामिल किया गया था। सूबे की सरकार ने पहली मानव विकास रिपोर्ट वर्ष 2006 में जारी की थी। यह दूसरी रिपोर्ट है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शहर के कम आय वाले वर्ग के 64 प्रतिशत परिवारों ने भी सर्वे के दौरान स्वीकार किया कि वे दिल्ली में उपलब्ध जीवन की गुणवत्ता की स्थिति से संतुष्ट हैं। यहां बीते कुछ वर्षो में राजधानी में लोगों की आय में इजाफा हुआ है, रोजगार के अवसर बढ़े हैं तथा बुनियादी सेवाओं का दायरा भी बढ़ा है।

रिपोर्ट में दिल्ली की खुशहाली की तस्वीर सामने आई है, लेकिन यह भी कहा गया है कि विभिन्न सेवाओं की उपलब्धता के मामले में शहर के विभिन्न आय वर्ग में समानता नहीं होना चिंता का विषय है। कार्यो की बंटवारे के मामले में स्त्री-पुरुष की संख्या में बड़ा फासला है। साक्षरता की दर के मामले में भी यही हालत है।

दिल्ली सरकार की इस रिपोर्ट में सभी नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने पर बल दिया गया है। 30 प्रतिशत लोगों ने सर्वे के दौरान कहा कि यहां पर नौकरियों की संख्या औसत है जबकि इतने ही अन्य लोगों ने कहा कि शहर में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि खास तबके को हिंसा तथा भेदभाव से बचाने का मामला बेहद महत्वपूर्ण है। महिलाएं मानती हैं कि यहां के सार्वजनिक स्थल सुरक्षित नहीं हैं। रिपोर्ट में बच्चों की सुरक्षा को भी विशेष महत्व देने की बात कही गई है।

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    Web Title:(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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