यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गलाघोंटू बीमारी से दो दिनों में दो बच्चों की मौत, दर्जनभर आक्रांत

अमौर (पूर्णिया), संस : बायसी अनुमंडल के मल्हरिया पंचायत में जहां डायरिया पर अभी भी काबू नहीं पाया जा सका है, वहीं अमौर प्रखंड में एक अजीबोगरीब गलाघोंटू रोग फैल गया है। प्रखंड क्षेत्र के ठाढ़ी महीन पंचायत अंतर्गत ठाढ़ी वासुल गांव में इकराम की छह वर्षीया पुत्री आजमी की मौत 8 अगस्त को एवं पांच वर्षीया निकहत की मौत 9 अगस्त को गले में सूजन के बाद दम घुटने से हो गई। जबकि, इकाराम की तीसरी बेटी दो वर्षीय निसात की हालत इसी बीमारी के कारण गंभीर है। इसके अतिरिक्त गांव करीब एक दर्जन बच्चे और बड़े इस रोग की चपेट में हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अमौर रेफरल अस्पताल से डॉक्टरों की टीम ने रविवार को गांव पहुंच कर पीड़ितों का इलाज शुरू कर दिया है। टीम में शामिल रेफरल अस्पताल प्रभारी डॉ. रफीक जुबेर ने बताया है कि यह रोग गले में इंफेक्शन के कारण पैदा हुई है जो समय पर इसका उपचार नहीं होने से यह बढ़ गया है। दो बच्चों की हुई मौत के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि बच्चों की मौत किस कारण से हुई है। यहां बता दें कि दोनों बच्चों को दफनाया जा चुका है। इस संबंध में सीएस डॉ. एसएन झा ने बताया कि उन्होंने पीड़ितों को सदर अस्पताल भेजने का निर्देश दिया है।
बीमारों में गांव की 20 वर्षीय लड़की विलकिस के गले में भी सूजन के लक्षण हैं, उसे भी बुखार है। 19 वर्षीया नूरजहां, 16 वर्षीया दिलजहां, 35 वर्षीया नीलम, 7 वर्षीय रिजवान सहित करीब दर्जन भर लोग इस रोग से पीड़ित हैं। सूचना पर रेफरल अस्पताल से डॉ. रफीक जुबेर के नेतृत्व में अस्पताल प्रबंधक सरोज कुमार एवं अन्य गांव पहुंच कर पीड़ितों का इलाज शुरू कर दिया है। डॉ. जुबेर ने बताया कि पीड़ितों के गले में इंफेक्शन की शिकायत है। इसी वजह से बुखार भी आ रहा है, लेकिन यह बीमारी इतनी गंभीर नहीं है कि किसी की मौत हो जाए। फिलहाल सभी पीड़ितों का उपचार शुरू कर दिया गया है। मेडिकल टीम अभी यहां कैंप कर रही है।
=========
मेडिकल टीम को पीड़ितों के गांव भेज दिया गया है। साथ ही रेफरल अस्पताल प्रभारी को सभी पीड़ितों को सदर अस्पताल भेजने का निर्देश दे दिया गया है।
डॉ. एस एन झा
सीएस, पूर्णिया
