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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मनसे प्रमुख को गिरिराज की चेतावनी, कहा - आतंकी की भाषा न बोलें राज ठाकरे

By Amit AlokEdited By:
Published: Thu, 10 Mar 2016 12:08 PM (IST)Updated: Thu, 10 Mar 2016 08:12 PM (IST)

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) सुप्रीमो राज ठाकरे ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने बुधवार को मनसे के ...और पढ़ें

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पटना। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) सुप्रीमो राज ठाकरे ने फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने बुधवार को मनसे के स्थापना दिवस कार्यक्रम में कहा कि करीब 70 फीसदी नए ऑटो रिक्शा परमिट गैर-मराठियों को दिए गए हैं, जिन्हें मनसे कार्यकर्ता आग के हवाले कर देंगे। उनके इस विवादित बयान पर बिहार में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। बीजेपी नेता व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी उन्हें चेतानवी दी है।

विदित हो कि मुंबई में अाप्रवासी बिहारी मजदूरों की बड़ी संख्या है। मनसे के इस कदम से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होनी तय है। इससे बिहार की राजनीति में उबाल आ गई है। बिहार के विभिन्न दलों के नेताओं ने राज ठाकरें को आड़े हाथों लिया है। बिहार के नेताओं ने इस मसले पर पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है।

बीजेपी नेजा व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि राज ठाकरे आतंकी की भाषा बोल रहे हैं। वे वही भाषा बोल रहे हैं, जो कश्मीर में आतंकवादी बोल रहे हैं। यह सहन करने योग्य बात नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई पागल की भाषा बोलेगा, कोई देश तोड़ने की बात करेगा तो देश क्या उसे सहन करेगा?

जदयू नेता श्याम रजक ने कहा है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना मनुवाद व आरएसएस की वंशज है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि उनका यह बयान और ऐसी भाषा स्वीकार्य नहीं है।

कांग्रेस नेता अजित शर्मा ने कहा कि राज ठाकरे का मानसिक संतुलन खो गया है। ऐसे बयान के लिए उनपर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

बीजेपी के मिथिलेश तिवारी ने भी राज ठाकरे के बयान को देशहित के विरोध में बताया। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे समझ नहीं रहे कि इस तरह उत्तर भारतीयों को बार-बार टारगेट करने का अंजाम क्या होगा?

राज ठाकरें के बयान की डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भी आलोचना की है।

पहले भी दे चुके ऐसे बयान

यह पहली बार नहीं है जब राज ठाकरे ने ऐसा बयान दिया है। इससे पहले भी वे गैर मराठियों के खिलाफ जहर उगल चुके हैं। वे बिहारियों को राज्य में 'घुसपैठिया' तक कह चुके हैं।