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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 20, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार: समस्तीपुर में बवाल के बाद दर्जनों लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

By Kajal KumariEdited By:
Published: Fri, 20 Oct 2017 01:06 PM (IST)Updated: Sat, 21 Oct 2017 10:49 PM (IST)

समस्तीपुर में शुक्रवार की सुबह पुलिस और पब्लिक की भिड़ंत के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई और बीस ...और पढ़ें

बिहार: समस्तीपुर में बवाल के बाद दर्जनों लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
बिहार: समस्तीपुर में बवाल के बाद दर्जनों लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

समस्तीपुर [जेएनएन]। जिले के ताजपुर में शुक्रवार को पुलिस और पब्लिक की भिड़ंत के बाद बड़ा बवाल मचा , जिसमें दोनों ओर से फायरिंग हुई। इस फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई जिसके बाद झड़प ने भयावह रूप ले लिया। पुलिस और पब्लिक के बीच हुई भिड़ंत में 15 पुलिककर्मी समेत 25 लोग घायल हो गए। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है।

गोली लगने से हुई मौत के बाद जिले के एसपी दीपक रंजन ने कहा कि पुलिस की गोली से किसी की मौत नहीं हुई । उपद्रव कर रहे 10 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ताजपुर की घटना को दुखद बताते हुए पूरे मामले में जांच के आदेश दे दिये थे जिसके बाद सुबह से चल रही झड़प को देर शाम काबू में किया गया।

सीएम ने तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त और पुलिस उप महानिरीक्षक को घटना स्थल पर जाकर मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था तो वहीं पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दिया था और साथ ही एसएसबी ओर बीएमपी के जवानों की तैनाती करने के बाद भीड़ को नियंत्रित किया जा सका था।

दवा कारोबारी की हत्या के बाद मचा बवाल

पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोशित लोगों ने शुक्रवार की सुबह से ही जमकर बवाल काटा । कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया, पुलिस थाने को निशाना बनाते हुए आक्रोशित भीड़ ने पुलिस कर्मियों पर पथराव किया और उनकी जमकर पिटाई भी कर दी जिसके बाद पुलिस ने भी लोगों की जमकर खबर ली। दोनों ओर से हुई झड़प में पुलिस कर्मी सहित करीब बीस लोग घायल हो गए थे।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा और मुजफ्फरपुर से अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया और पूरी रात  चौकसी बरती जा गई। लोगों को समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ। 

पटना में बुलाई गई हाइ लेवल मीटिंग

घटना की जानकारी मिलते ही पटना में डीजीपी ने तुरंत हाइलेवल मीटिंग बुलाई और पूरे मामले की समीक्षा की। डीजीपी ने तत्काल डीआइजी और आइजी को समस्तीपुर रवाना होने का निर्देश दिया और कहा कि राज्य पुलिस मुख्यालय को घटना की पूरी रिपोर्ट सौंपें।

डीजीपी ने कहा है कि दोनों अधिकारी तबतक वहां तैनात रहेंगे जबतक कि स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। सुबह से देर शाम तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। 

बुधवार को हुई थी दवा व्यवसायी की हत्या

बता दें कि ताजपुर के दवा कारोबारी जनार्दन ठाकुर की बुधवार को हत्या कर दी गई थी। दीपावली होने की वजह से गुरुवार को लोगों का गुस्सा नहीं दिखा, लेकिन शुक्रवार सुबह से ही लोग सड़क पर उतर आए। उग्र लोगों ने ताजपुर बाजार बंद करा दिया और एनएच 28 पर आगजनी कर सड़क को जाम कर नारेबाजी हंगामा करने लगे।

आक्रोशित लोगों का कहना था कि दवा कारोबारी की हत्या के बाद पुलिस सुस्त बनी हुई है, पुलिस की ओर से कोई एक्शन नहीं लिया गया । गुस्साए लोगों ने थाने का घेराव किया और पुलिसकर्मियों की पिटाई कर दी।इसके साथ ही ग्रामीणों ने थाने में खड़ी पांच गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया।

पुलिस ने लोगों को शांत रहने की अपील की लेकिन लोग गुस्से में हंगामा करते रहे। उग्र प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने गोली चला दी, जिसके जवाब में उधर से भी फायरिंग की गई। फायरिंग  में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 2 लोग घायल हो गए। हालांकि पुलिस का कहना है कि पुलिस फायरिंग में किसी की मौत नहीं हुई है, ग्रामीणों की ओर से की जा रही गोलीबारी में ही मौत हुई है।

पुलिस का कहना था कि ग्रामीणों के साथ कुछ असामाजिक तत्व भी भीड़ में शामिल थे जिनके पास हथियार थे। ग्रामीण की मौत के बाद ताजपुर में तनाव बढ़ गया जिसके बाद पुलिस के जवानों ने खुद को थाने में कैद कर लिया । 

ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और पुलिस सुस्त बनी हुई है, ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस अपराधियों से मिली हुई है। कुछ दिन पहले अपराधियों ने एक लड़की को घर में घुसकर उठा लिया, उसका कोई पता ठिकाना नहीं मिला। फिर दवा कारोबारी की हत्या कर दी गई और पुलिस ने कोेई जांच नहीं की।