यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
CM नीतीश का एलान - हर हाल में सूबे में लागू होगी पूर्ण शराबबंदी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में हर हाल में शराबबंदी लागू करेंगे। एक-एक पहलू पर नजर रखते हुए ...और पढ़ें

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को राजधानी स्थित एसके मेमोरियल हॉल से मद्य निषेध अभियान को आरंभ किया। एक साथ सभी जिलों के डीएम-एसपी व अन्य अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस अभियान के आरंभ कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अपने शराबबंदी के निश्चय को दोहराते हुए कहा कि हर हाल में सूबे में पूर्ण शराबबंदी लागू होगी। पहले चरण में देसी शराब की बिक्री पर एक अप्रैल से प्रतिबंध लगाया जा रहा है। अगले चरण में विदेशी भी साफ कर देंगे।
उन्होंने शराब नहीं पीने और इस पर रोक में सहभागी होने का संकल्प भी दिलाया। कहा कि इसके लिए बहुत बड़े अभियान की जरूरत है। महिलाओं का आह्वïान किया कि जरूरत पड़े तो वह भट्ठी तोडऩे से भी न हिचकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के दौरान वह जहां भी जा रहे थे, वहां महिलाओं की इस बात की जानकारी थी कि हम अगर फिर से सत्ता में आए तो पूर्ण शराबबंदी लागू करेंगे। मेरे मन में हमेशा यह बोझ रहता था कि सरकार की आमदनी शराब से बढ़ रही है। इस शराब के चलते लोगों का घर बर्बाद हो रहा है। सबसे अधिक परेशान गांव की महिलाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हवा में बातें नहीं करते। शराबबंदी को लागू करना है तो पूरे प्रभाव के साथ करेंगे। शराबबंदी लागू करने के लिए बोल दिया ऐसा नहीं है। अभी तक हमने जो निर्णय लिए हैं उससे पीछे हटने की नौबत नहीं आयी है। आगे भगवान जानें।
शराबबंदी को लागू किए जाने को ले पुलिस की भूमिका पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवधारणा (परसेप्शन) है कि कोई भी गड़बड़ धंधा होगा तो वह पुलिस से छिप नहीं सकता। इसलिए, इसमें पुलिस की बहुत बड़ी जिम्मेवारी है। अब काम डीएम-एसपी का है। एक-एक थाने को सजग करना है।
उन्होंने कहा, विदेशी शराब भी नगर निगम और नगर परिषद श्रेणी के शहरों में ही मिलेगी। निजी स्तर से नहीं, बल्कि वेवरेज कारपोरेशन के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे की देखरेख में इसकी बिक्री होगी।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग भ्रमित करने की कोशिश न करें। पूर्ण शराबबंदी होगी। नयी उत्पाद नीति में यह स्पष्ट रूप से लिखा है। उन्होंने कहा कि यह मुहिम रंग लायेगा और वह बिहार से रंगीन पानी को खत्म कर देंगे।
उन्होंने कहा कि हमें शराबबंदी को सामाजिक आंदोलन बनाना है। इसमें महिलाओं का विशेष सहयोग चाहिए। महिलाएं कहीं गड़बड़ी देखेंगी तो फोन करेंगी। कार्रवाई की गारंटी है।
इस तरह किए गए हैं इंतजाम
पटना में एक केंद्रीकृत सेंटर काम करेगा, कोई भी शराब की बिक्री या फिर भट्ठी चलने की सूचना किसी भी समय इस केंद्र पर देगा। पुलिस तुरंत उक्त सूचना पर कार्रवाई करेगी। डीजीपी खुद देखेंगे इसे। कार्रवाई नहीं करने वाले पर तुरंत कार्रवाई हो जाएगी।
हर जिले में डिएडिक्शन सेंटर
हर जिले में सरकार शराब की लत छुड़ाने के लिए डिएडिक्शन सेंटर शुरू करेगी। कांउसिलिंग कर शराब पीने की आदत छुड़ायी जाएगी।
सीमवर्ती प्रदेशों को चौकसी के लिए लिखा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस वर्ष एक अप्रैल से देसी शराब की बिक्री पर लगने वाले प्रतिबंध के बारे में झारखंड, पश्चिम बंगाल और उप्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिख यह अनुरोध किया कि शराबबंदी को लेकर बिहार से लगने वाले जिलों में सख्ती की जाए, ताकि शराब की तस्करी न हो।
चीनी मिलें स्प्रिट नहीं इथनॉल बनाएंगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि चीनी मिलों के साथ मुख्य सचिव के स्तर पर बैठक हो गयी है। अब वे स्प्रिट नहीं इथनॉल बनाएंगी।
