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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 26, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

निखिल व उसके पिता पर एसआइटी मेहरबान

By JagranEdited By:
Published: Sun, 26 Mar 2017 03:05 AM (IST)

सीबीआइ के पुलिस अधीक्षक के ससुर केबीपी सिन्हा और साले निखिल प्रियदर्शी पर अपराध अनुसंधान विभाग के कमजोर वर्ग की एसआइटी मेहरबान दिखी।

निखिल व उसके पिता पर एसआइटी मेहरबान
निखिल व उसके पिता पर एसआइटी मेहरबान

पटना। सीबीआइ के पुलिस अधीक्षक के ससुर केबीपी सिन्हा और साले निखिल प्रियदर्शी पर अपराध अनुसंधान विभाग के कमजोर वर्ग की एसआइटी मेहरबान दिखी। पूर्व कांग्रेस मंत्री की बेटी का यौन शोषण करने के मामले में गिरफ्तार ऑटोमोबाइल्स कारोबारी निखिल और पीड़िता से मारपीट करने के आरोपी उसके पिता को रिमांड की अवधि समाप्त होने से पहले ही वापस जेल भेज दिया। इस पर एसआइटी और कमजोर वर्ग ईकाई के अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।

मालूम हो कि उत्तराखंड के ऋषिकेश से निखिल प्रियदर्शी और उसके पिता व रिटायर्ड आइएएस कृष्ण बिहारी प्रसाद सिन्हा से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पटना पुलिस ने निखिल को 48 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। चूंकि यौन शोषण के बाबत एससी-एसटी थाने में प्राथमिकी दर्ज है, इसलिए कमजोर वर्ग की एसआइटी को भी पूछताछ के लिए मोहलत मिली। कोर्ट ने निखिल को 48 घंटे और उसके पिता को 24 घंटे की रिमांड पर लेने का आदेश दिया। शनिवार की सुबह एसआइटी ने करीब साढ़े दस बजे बाप-बेटे को बेउर जेल से निकाला और गुप्त स्थान पर लेकर चली गई। लगभग आठ घंटे बाद शाम लगभग छह बजे दोनों को विशेष अदालत में पेश किया और फिर बेउर जेल भेज दिया गया। आखिर उन्हें जेल भेजने की इतनी जल्दी क्या थी? इस सवाल पर अधिकारी मौन हैं।

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निखिल बोला, मुझे कुछ नहीं कहना

विश्वस्त सूत्रों की मानें तो एसआइटी ने दोनों बाप-बेटे को अलग-अलग कमरे में रखा। पहले से कागज पर प्रश्न लिख लिए गए थे। सामने वीडियो कैमरा ऑन था। एक पदाधिकारी सिलसिलेवार रूप से प्रश्न पूछते रहे। लगभग सभी प्रश्नों के जवाब में निखिल ने एक ही बात कहता रहा, मैं बेगुनाह हूं। मुझे फंसाया गया है। इसके आगे मुझे कुछ नहीं कहना। इसके बाद उसे दूसरे कमरे में भेज दिया गया। उसके पिता के साथ भी ऐसा ही किया गया।

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इन सवालों के तलाशने थे जवाब

निखिल की गिरफ्तारी से पहले एसआइटी कई सवालों के जवाब तलाशने का दावा कर रही थी। निखिल के मोबाइल की बरामदगी एसआइटी के लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन इस दिशा में टीम ने कोई प्रयास नहीं किया। वह वीडियो कहां हैं, जिसे दिखा निखिल पीड़िता को ब्लैकमेल करता था? सेक्स रैकेट किस पैमाने पर चलता था? इसमें कौन-कौन से लोग शामिल हैं? ऐसे कई सवालों के जवाब अब तक नहीं मिल सके हैं।