यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जोड़-तोड़ में जुटे नीतीश-मांझी समर्थक
राजनीतिक हलचल के बाद अब नीतीश और मांझी को बहुमत साबित करने की चुनौती है। इससे निबटने के लिए दोनों ...और पढ़ें

पटना। राजनीतिक हलचल के बाद अब नीतीश और मांझी को बहुमत साबित करने की चुनौती है। इससे निबटने के लिए दोनों खेमे के कुछ नेता जोड़-तोड़ में जुट गए हैं। सूत्रों की माने तो दोनों पक्षों के करीब एक दर्जन विश्वासपात्रों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
राजनीतिक उठापटक के बाद रविवार की सुबह मांझी खेमे के मंत्री विनय बिहारी नीतीश खेमे की मंत्री बीमा भारती के घर पहुंचे। इस दौरान बीमा भारती के यहां विधायक सुमित सिंह भी मौजूद थे। तीनों नेताओं के बीच चली करीब 40 मिनट की वार्ता के बाद विनय बिहारी ने कहा कि मांझी की नाव कभी नहीं डूबती। उन्होंने मांझी के समर्थन में पर्याप्त बहुमत होने का दंभ भरा। वहीं दूसरी ओर नीतीश खेमे के अब्दुल वारी सिद्दीकी ने कहा कि मांझी को बहुमत का आदर करते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए। इन सबके बीच नीतीश खेमे के रमई राम ने उपमुख्यमंत्री पर अपना दांव ठोककर राजनीतिक सरगर्मी और तेज कर दी है। उन्होंने खुद को उपमुख्यमंत्री के लिए योग्य दावेदार बताया।
