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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार बोर्ड ही नहीं, सीबीएसई की परीक्षाओं में भी हुआ है फर्जीवाड़ा

By Ravi RanjanEdited By:
Published: Wed, 07 Jun 2017 11:03 AM (IST)Updated: Wed, 07 Jun 2017 10:59 PM (IST)

बिहार बोर्ड ही नहीं, सीबीएसई की परीक्षा में फर्जीवाड़ा होता रहा है। पटना के एवीएन स्कूल में वर्ष 2014-15 में ...और पढ़ें

बिहार बोर्ड ही नहीं, सीबीएसई की परीक्षाओं में भी हुआ है फर्जीवाड़ा
बिहार बोर्ड ही नहीं, सीबीएसई की परीक्षाओं में भी हुआ है फर्जीवाड़ा

पटना [राज्य ब्यूरो]। ऐसा नहीं है कि घपले केवल बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित दसवीं और इंटर की परीक्षाओं में होते हैं। बिहार में ऐसे घपले सीबीएसई द्वारा संचालित परीक्षाओं में भी होते रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि सीबीएसई की परीक्षाओं में होने वाले घपले कभी सुर्खियां नहीं बनती।

ऐसे ही एक मामले की जांच पटना हाइकोर्ट ने पिछले साल सीबीआइ को सौंपा है। हालांकि अबतक इस मामले में न तो किसी अभियुक्त की गिरफ्तारी की गई है और न ही गड़बड़ी में शामिल सीबीएसई के अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है। 

पटना हाइकोर्ट ने पिछले साल पटना के राजीव नगर स्थित एवीएन स्कूल में 2014-15 में सीबीएसई द्वारा आयोजित दसवीं की परीक्षा की जांच करने का आदेश दिया था। सीबीआइ ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। एवीएन स्कूल को वर्ष 2009 में सीबीएसई ने मान्यता प्रदान की थी। जो वर्ष 2012 तक जारी रही।

सीबीएसई को स्कूल में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर 29 जून, 2013 को उसकी मान्यता समाप्त कर दी। स्कूल प्रबंधन द्वारा छात्रों के भविष्य की दुहाई दिए जाने के बाद सीबीएसई ने वर्ष 2014-15 में दसवीं की परीक्षा में इस स्कूल के छात्रों को शामिल करने की सशर्त अनुमति दे दी। 

मामले की जांच के दरम्यान सीबीआइ ने स्कूल की प्राचार्या मालती सिन्हा, मैनेजर राम सुमेर सिंह, सीबीएसई के पटना क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक सचिव अरविंद, शाखा पदाधिकारी अरविंद कुमार मिश्रा और सहायक राजेश कुमार को नामजद अभियुक्त भी बनाया, पर कार्रवाई इससे आगे नहीं बढ़ सकी।

सूत्र बताते हैं कि जब सीबीएसई को एवीएन स्कूल ने अपने 338 छात्रों के रिकॉर्ड बोर्ड को समय पर उपलब्ध नहीं कराया था। जिसके बाद बोर्ड ने स्कूल के इन सभी छात्रों को दसवीं की परीक्षा में बैठने की इजाजत नहीं दी। स्कूल प्रबंधन ने फर्जीवाड़ा कर छात्रों को फर्जी एडमिट कार्ड जारी कर स्कूल बेस्ड परीक्षा ले ली। तब सीबीएसई ने स्कूल के सभी छात्रों का रिजल्ट रोक दिया।

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जब सीबीएसई द्वारा स्कूल प्रबंधन से परीक्षा का आंसरशीट मांगा गया तो स्कूल का जवाब था कि स्कूल में हुए हंगामे में सभी आंसरशीट नष्ट हो गए। बताया जाता है कि सीबीएसई के पटना स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के कई अधिकारी भी इस घपले में शामिल रहे हैं। लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

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