यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिहार के छात्रों का फूटा आक्रोश, कहा- श्रीनगर एनआइटी में न रहेंगे, न पढ़ेंगे
श्रीनगर एनआइटी में पढ़ रहे बिहार के छात्र इतने सहम गए हैं कि वे अब वहां रहना नहीं चाहते हैं, ...और पढ़ें

पटना। श्रीनगर एनआइटी में पढ़ रहे बिहार के छात्र इतने सहम गए हैं कि वे अब वहां रहना नहीं चाहते हैं, न आगे पढऩा चाहते हैं। स्थानीय लोगों द्वारा पीटे जाने के बाद बिहारी छात्र काफी दहशत में हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर पटना के एक छात्र ने फोन कर बताया कि हम यहां जेल में कैद हैं। हमारी यहां कोई नहीं सुन रहा।
छात्रों का आरोप है कि एनआइटी प्रशासन, छात्र व स्थानीय लोग सभी हमारे खिलाफ हैं। सासाराम के एक छात्र ने रोते हुए कहा कि हमें यहां से किसी तरह निकालिए। हम यहां किसी भी स्थिति में नहीं रहना चाहते। हम एनआइटी शिफ्ट करना चाहते हैं।
छात्रों ने बताया कि गुरुवार को उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह एनआइटी से छात्रों से मिलने आए थे। उन्होंने संस्थान के दस छात्रों से मिलने की बात कही, लेकिन एनआइटी प्रशासन ने उन्हें मिलने नहीं दिया। उन्हें बताया गया यहां सब कुछ नियंत्रण में है। छात्रों ने बताया कि एनआइटी-श्रीनगर में बिहार के 100 से अधिक छात्र हैं। जिसमें 20 छात्राएं हैं।
आधा दर्जन से अधिक पटना के भी छात्र एनआइटी, श्रीनगर में पढ़ रहे हैं। छात्रों का आरोप है जम्मू-कश्मीर सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है। साइलेंट प्रोटेस्ट करने पर भी छात्रों को बुरी तरह पीटा जा रहा है।
क्या है मामला
विवाद का कारण है टी-20 वल्र्ड कप में भारत-वेस्टइंडीज के बीच मैच। सेमीफाइनल में भारत वेस्टइंडीज से हार गया था। जिसके बाद एनआइटी में पढ़ रहे स्थानीय छात्रों ने जश्न मनाया, पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। जिसका छात्रों ने विरोध किया। मारपीट हुई। स्थानीय एनआइटी छात्रों का साथ श्रीनगर के बाशिंदों ने भी दिया। मारपीट में 90 छात्र घायल हैं। चार की हालत नाजुक बनी है।
