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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ट्रेन से कटकर 37 की मौत, ड्राइवर की पीटकर हत्या

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Published: Mon, 19 Aug 2013 05:03 PM (IST)Updated: Mon, 19 Aug 2013 05:29 PM (IST)

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पटना। बिहार के मानसी रेल खंड पर खगड़िया जिले के बदलाघाट रेलवे स्टेशन के पास सोमवार सुबह 8.30 बजे कई लोग सहरसा से पटना जा रही राज्यरानी सुपरफास्ट ट्रेन की चपेट में आ गए। इस हादसे में 37 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक घायल हो गए। बिहार के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एस के भरद्वाज ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है।

हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने पहले तो ट्रेन के दो ड्राइवरों व रेलकर्मियों की जम कर पिटाई की और एसी की तीन-चार बोगियों में आग लगा दी। लोगों के गुस्से के शिकार हुए एक ट्रेन ड्राइवर की भी मौत हो गई है, जबकि दूसरे ड्राइवर की हालत नाजुक बनी हुई है।

हादसे के बाद बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी घटनास्थल पर जल्द से जल्द सभी तरीके की राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

रेल सूत्रों के अनुसार समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन को बदलाघाट स्टेशन से आगे बढ़ा दिया गया है। जबकि दूसरी सहरसा-समस्तीपुर पैसेंजर ट्रेन के इंजन व बोगियों में आग लगा दिए जाने से वे धू-धू कर जल रही हैं। यह ट्रेन यही रुकी हुई है। खगड़िया के डीएम सैयद परवेज आलम व एसपी घटना स्थल पर पहुंच चुके हैं। घायलों की इलाज के लिए खगड़िया स्थित निजी अस्पताल शहीद प्रभू नारायण अस्पताल के चिकित्सकों की एक टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है।

कैसे हुआ हादसा

स्टेशन के पास कत्यायिनी मंदिर है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के लिए दर्शन के लिए जा रहे थे। बताया जाता है कि दो ट्रेनें ट्रैक पर खड़ी थी और यात्री दोनों ट्रेनों से उतरकर प्लेटफॉर्म की ओर जा रहे थे, तभी बीच से राज्यरानी एक्सप्रेस तेजी से आई और उन्हें कुचल दिया। मृतकों में महिलाओं की संख्या अधिक है, मरने वालों में 8 बच्चे भी शामिल हैं। कई लाशें ट्रेन के चक्के में फंस कर दूर तक चली गई। तब राज्यरानी सुपरफास्ट एक्सप्रेस के ड्राइवर को होश आया और ट्रेन रोकी गई।

मरनेवालों में दोनों पैसेंजर ट्रेनों के यात्री शामिल थे। जिसमें अधिकतर कांवरिया थे, जो देवी के मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। बताया जाता है कि श्रावण में वहां बड़ा मेला लगता है। इस बीच,बदलाघाट से खगड़िया मुख्यालय व सहरसा के लिए सड़क मार्ग न होने से वहां तक राहत टीम को पहुंच पाने में भारी कठिनाई पेश आ रही है। इससे चिकित्सकों की टीम व दवाई आदि पहुंचने में भी देरी हो रही है। इस कारण घटना में गंभीर रूप से घायलों के त्वरित इलाज में परेशानी हो रही है। घटनास्थल पर चिकित्सा के लिए कई कैंप लगाए गए हैं।

घटना के चश्मदीद गवाह बंगलिया निवासी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि राज्यरानी एक्सप्रेस का ड्राइवर अगर सीटी बजाते हुए गाड़ी को आगे बढ़ाते तो कई लोगों की जान बच सकती थी। जबकि मधेपुरा के यात्री कुदूस का कहना है कि राज्यरानी एक्सप्रेस के चालक ने ट्रेन को रोक दिया,अन्यथा 500 से भी अधिक लोग मारे जाते।

अब तक उपलब्ध मृतकों की सूची

1. दुखन देवी, ,खुरिया, मानसी, खगड़िया

2. सौरभ कुमार,, पिता -हरिवल्लभ यादव, खुरिया, मानसी, खगड़िया

3. जनार्दन यादव - पिता- रामेश्वर यादव, रानी राठरपुरा, ईमली , खगड़िया

4. चित्तौड़ महतो (35), इलौंच, चौथम, खगड़िया।

5. जीतो देवी, नारायणपुर, नवगछिया, भागलपुर।

6. सूचन देवी, पति - सदानंद मालाकार, गोगरी, खगडिय़ा।

7. सोदारत - बंगलिया टोला, चौथम, खगड़िया

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