यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सेना बहाली में फर्जीवाड़ा करते दो संदिग्ध धराए
सेना बहाली की लिखित परीक्षा में फर्जीवाड़ा करते दो संदिग्धों को धर दबोचा गया। पकड़े जाने वालों में पश्चिमी चंपारण ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर। सेना बहाली की लिखित परीक्षा में फर्जीवाड़ा करते दो संदिग्धों को धर दबोचा गया। पकड़े जाने वालों में पश्चिमी चंपारण जिला के भितहां थाना के जितेन्द्र गौतम एवं उसका जीजा रूपही टांड का छोटेलाल राम है। छोटेलाल सीआरपीएफ का जवान है और फिलहाल श्रीनगर में उसकी तैनाती है। इन दोनों को आर्मी इंटेलीजेंस के अधिकारियों ने पकड़ा है।
आर्मी इंटेलीजेंस के अधिकारियों को संदेह है कि जितेन्द्र यूपी का है। ये फर्जी तरीके से पश्चिम चंपारण जिले का निवासी बता कर सेना में बहाल होना चाह रहे थे। इसमें उसका जीजा छोटेलाल राम उसकी मदद कर रहा था। दोनों को काजीमुहम्मदपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। इंटेलीजेंस के वरीय अधिकारी दोनों से पूछताछ कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले साल दिसंबर में सिकंदरपुर स्टेडियम में सेना भर्ती रैली आयोजित की गई। इसमें सफल उम्मीदवारों की रविवार को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा दे रहे जितेन्द्र गौतम व एक अन्य के विरुद्ध आर्मी इंटेलीजेंस के अधिकारियों को शक हुआ। उसके अधिकांश सर्टिफिकेट यूपी के थे। अधिकारियों ने जब उससे पूछताछ की तो उसने संतोष जनक जवाब नहीं दिया। उसने अपना पता भी लिख कर रखा था। पूछने पर वह उसे देखकर ही बताने की स्थिति में था। वह अपने गांव के स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बारे में सही-सही बताने की स्थिति में नहीं था। इसके साथ धराया सीआरपीएफ का जवान छोटेलाल राम भी जितेन्द्र के साथ संबंधों के बारे में लगातार अलग-अलग जानकारी दे रहा था।
काजी मोहम्मदपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि आर्मी इंटेलीजेंस के अधिकारियों ने दो लोगों को पकड़कर थाना पुलिस को सौंपा है। अभी तक उनकी ओर से कोई प्रतिवेदन नहीं मिला है। प्रतिवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।'
