यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इंसेफेलोपैथी से चार और की मौत, तीन भर्ती
मुजफ्फरपुर : इंसेफेलोपैथी का कहर जारी है। बुधवार को फिर इससे चार बच्चों की मौत हो गई, जबकि पीड़ित तीन

मुजफ्फरपुर : इंसेफेलोपैथी का कहर जारी है। बुधवार को फिर इससे चार बच्चों की मौत हो गई, जबकि पीड़ित तीन नए को भर्ती कराया गया। इसमें एसकेएमसीएच में तीन एवं केजरीवाल में एक की मौत हुई। मृतकों में मीनापुर के खेमाईपट्टी का मो. रमजान के पुत्र मो. जिशाम (5), चांद परणा निवासी माला कुमारी, अहियापुर के झपहां मझौलिया निवासी संजय प्रसाद के पुत्र राजा बाबू (4) एवं केजरीवाल में एक बच्चे की मौत हो गई। सिविल सर्जन डॉ. ज्ञानभूषण ने बताया कि अब तक इंसेफेलोपैथी से पीड़ित 33 बच्चे भर्ती हो चुके हैं। अबतक कुल 13 बच्चों की मौत हो चुकी है। शिशुरोग विभागाध्यक्ष डॉ. ब्रजमोहन ने बताया कि इंसेफेलोपैथी की समुचित जांच व इलाज की व्यवस्था एसकेएमसीएच में है। कक्ष में रोस्टर के तहत चिकित्सकों व अनुभवी कर्मियों को चौबीसों घंटे ड्यूटी लगाई गई है।
मरते रहे बच्चे, प्रोटोकॉल देखने में लगे चिकित्सक
मुजफ्फरपुर : एसकेएमसीएच में बुधवार को पीआईसीयू में भर्ती इंसेफेलोपैथी पीड़ित बच्चे की हालत बिगड़ती जा रही थी। जबकि कक्ष में बैठक चिकित्सक इलाज के बने प्रोटोकॉल देखने में लगे थे। नतीजा दोपहर बाद लगभग तीन बजे मो. जिशाम व माला कुमारी के मौत हो गई। इसके बाद बच्चों के परिजन आक्रोशित हो गए और हंगामा करने लगे। आरोप लगाया कि चिकित्सीय उपेक्षा व समुचित इलाज नहीं होने के कारण मौत हो गई। अस्पताल मैनेजर संजय कुमार व हेल्थ मैनेजर प्रभात कुमार की पहल पर आक्रोशित परिजनों को शांत कराया गया। मृत बच्चों के शव को अस्पताल से एम्बुलेंस द्वारा गांव भेजा गया।
