यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 10, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इंसेफेलोपैथी से दो की मौत, पांच भर्ती
मुजफ्फरपुर : गर्मी बढ़ने के साथ-साथ उत्तर बिहार में इंसेफेलोपैथी का कहर जारी है। मंगलवार को एसकेएमसी

मुजफ्फरपुर : गर्मी बढ़ने के साथ-साथ उत्तर बिहार में इंसेफेलोपैथी का कहर जारी है। मंगलवार को एसकेएमसीएच में तीन व केजरीवाल अस्पताल में दो मरीज भर्ती हुए। वहीं केजरीवाल अस्पताल में पूर्व से इलाजरत सिलौत के गौतम पंडित व एसकेएमसीएच में सीतामढ़ी के पुनीत साह की पुत्री दुर्गा कुमारी की मौत आने के कुछ देर बाद ही हो गई। केजरीवाल अस्पताल में माला कुमारी व सुजीत कुमार को भर्ती कराया गया। अब तक यहां नौ मरीज आए, जिसमें दो की मौत हुई। पांच इलाजरत हैं।
आइसीयू में चल रहा इलाज
एसकेएमसीएच में मंगलवार को इससे पीड़ित एक बच्ची व दो बच्चों को भर्ती कराया गया। जबकि दुर्गा कुमारी की मौत हो गई। डॉ. सुधांशु कुमार ने बताया कि उसे काफी गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया था। तीन दिन से बीमार थी, लेकिन परिजन गांव में ही इलाज करा रहे थे। अथक प्रयास के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। वहीं अन्य दो मरीज पूर्वी चंपारण के मेहसी थाना क्षेत्र के मेहसी मंजन छपरा गांव के धर्मेद्र राय का पुत्र विकास कुमार (4) एवं कांटी थाना क्षेत्र के कांटी गोसाई टोला निवासी मदन सहनी का पुत्र सुधीर कुमार (3.5) है। पूर्व से भर्ती कुढ़नी के लदौड़ा गांव के राजा कुमार एवं सकरा के ढोली के लक्ष्मण कुमार समेत पांच का इलाज पीआइसीयू कक्ष में चल रहा है। इसमें बोचहां के मोहनपुर के प्रमोद राय की पुत्री शिवानी कुमारी (1) को चिकित्सकों ने तेज बुखार व चमकी होना बताया है। अब तक पहुंचने वाले इंसेफेलोपैथी पीड़ितों की संख्या 26 पहुंच गई है। वहीं मृतकों की संख्या 8 हो गई।
एसकेएमसीएच में हुई बैठक
शिशुरोग विभागाध्यक्ष डॉ. ब्रजमोहन एवं डॉ. अरविंद कुमार की अध्यक्षता में चिकित्सकों की एक बैठक हुई। इसमें इंसेफेलोपैथी की समुचित जांच व प्रारंभिक लक्षण के साथ ही इलाज की प्रक्रिया शुरू करने पर बल दिया गया। पीएचसी स्तर पर ही बेहतर इलाज से मरीज जल्द क्योर हो सकता है।
