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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अटलांटा से आई रिपोर्ट, जांच में नहीं मिले एईएस के वायरस

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Published: Sat, 28 Jun 2014 11:34 AM (IST)

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मुजफ्फरपुर : बच्चों के लिए जानलेवा बनी बीमारी एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) किसी वायरस से नहीं हो रहा है। सीडीसी अटलांटा की टीम की पहली रिपोर्ट सीएस कार्यालय पहुंची। रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले साल सात वायरस के ऊपर जांच की गई थी। इस साल जांच के दायरे में 13 'नोन वायरस' को रखा गया था। मुजफ्फरपुर व उसके आसपास के जिले से आए बच्चों के खून-पेशाब व रीढ़ के पानी के नमूने का संग्रह किया गया। उसकी जांच में किसी भी वायरस का पता नहीं चला है। टीम ने अमेरिका से आए न्यूरोसर्जन डॉ. जिम्स सेवियर्स की निगरानी में नमूना संग्रह किया और उसकी जांच हुई। सिविल सर्जन डॉ.ज्ञानभूषण ने बताया कि सीडीसी अटलांटा व एनसीडीसी दिल्ली टीम की ओर से पहली पैथोलॉजिकल जांच रिपोर्ट मिली है। जिसमें बच्चों की बीमारी का कारण वायरस नहीं है। यह पहली रिपोर्ट है। वैसे कई संगठनों की ओर से अलग-अलग जांच भी चल रही है। अभी आगे भी रिपोर्ट आएगी। जबतक इस बीमारी के कारणों का सही पता नहीं चल जाता, तबतक शोध व अध्ययन चलता रहेगा। पहले की तरह राज्य सरकार की ओर से जारी प्रोटाकॉल के आधार पर बीमारी की जांच व इलाज होगा। रिपोर्ट में जेई, इंसेफेलाइटिस, मस्तिष्क ज्वर, चिकेनगुनिया, मलेरिया, कालाजार सहित अन्य जो बीमारियां वायरस से हो सकती हैं, वह नहीं हैं।