यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एईएस से जंग में व्यवस्था 'फेल'

सबहेड : दरभंगा में मस्तिष्क ज्वर से महिला की मौत, मुजफ्फरपुर में एक बच्चे की हालत बिगड़ी, मोतिहारी में एक और मरीज मिला
क्रासर
- आरएमआरआई पटना की टीम करेगी शोध, भेजी गई रिपोर्ट, सीएस आज बोचहां में अभियान चलाएंगे
-पहले से भर्ती बच्चों की हालत में सुधार, दूसरे वार्ड में शिफ्ट
बोल्ड
-आखिर वही हुआ, जिसका डर था। एईएस से लड़ाई के इंतजाम में व्यवस्था फिर 'फेल' हो गई। सबकी चिंताएं धरी की धरी रह गई और रोग ने पांव पसार लिये। इस बार सीन कुछ अलग नजर आ रहा है। मुजफ्फरपुर से होते हुए यह बीमारी मोतिहारी और अब दरभंगा तक पहुंच गई है। चिंता के रूप में आश्वासन के कुछ शब्द निकल रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग में अब भी कोई खास हलचल नहीं। क्या और बच्चों के आक्रांत होने का इंतजार है? क्या छिड़काव और जागरुकता अभियान पहले से नहीं चलना चाहिए। वैसे इलाके में जहां के बच्चे बीमार हो रहे हैं। वहां कोई जागरुकता टीम नहीं पहुंची।
हाईलाइटर
-मुजफ्फरपुर में 1994 में रहस्यमय बीमारी ने दस्तक दी। 2006 में काफी लोग आक्रांत हुए। फिर 2010 में इसने पाव पसारा। तदोपरांत सिलसिला चल पड़ा। हर साल मई में बीमारी दस्तक देती थी। इस बार अप्रैल में ही..। आगे क्या होगा..।
मुजफ्फरपुर, काप्र : एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के लक्षण पर केजरीवाल अस्पताल में भर्ती मेहसी चकनगरी निवासी अमित कुमार की हालत मंगलवार को बिगड़ गई। उसे ऑक्सीजन पर रखा गया है। तेज बुखार व चमकी की शिकायत पर उसे रविवार को यहां भर्ती कराया गया था। वहीं, पहले से केजरीवाल व एसकेएमसीएच में भर्ती चार मरीजों की हालत में सुधार होने पर दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इधर, सदर अस्पताल में भी एईएस का इलाज अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगा। उपाधीक्षक डॉ. बीएन झा आधा दर्जन चिकित्सक व पारा मेडिकल स्टाफ की सूची तैयार कर प्रशिक्षण के लिए एसकेएमसीएच भेजने की कवायद में जुट गए हैं। बुधवार से 3 हजार 7 सौ 18 कार्यकर्ता एईएस से जंग के लिए उतरेंगे। सीएस, डीपीएम व जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी के नेतृत्व में तीन टीम जागरुकता अभियान की मानीटरिंग करेगी। जिलाधिकारी अनुपम कुमार ने पूर्वी चंपारण के डीएम को मुजफ्फरपुर में चल रहे जागरुकता अभियान से अवगत कराते हुए वहां भी इस तरह के कार्यक्रम चलाने की सलाह दी है।
सदर अस्पताल में कंट्रोल रूम
सदर अस्पताल में कंट्रोल रूम काम करना शुरू कर दिया है। 0621-2245030 पर डायल कर जानकारी दी जा सकती है। कंट्रोल रूम की सीएस व डीएस मानीटरिंग करेंगे।
मुफ्त इलाज की व्यवस्था
एईएस पीड़ित बच्चों के लिए एसकेएमसीएच और केजरीवाल अस्पताल में मुफ्त इलाज की व्यवस्था की गई है। विशेषज्ञ चिकित्सक व पारा मेडिकल स्टाफ की 24 घंटे सेवा बहाल होगी।
परिजन रखें ख्याल
-बच्चों को धूप में निकलने से रोकें। रात में खाली पेट न सोने दें। खूब पानी पिलाते रहें। तेज बुखार होने पर शरीर को भीगे कपड़े से पोछते रहें।
-गर्मी में कम से कम तीन बार स्नान कराना चाहिए। बुखार व चमकी होने पर बच्चे को सीधे अस्पताल ले जाएं। -ओझा व झोलाछाप के चक्कर में न पड़ें। इलाज में देरी से बच्चे की जान को हो सकता है खतरा।
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