यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
..तो इंसेफेलाइटिस से हो रही बच्चों की मौत!
दरभंगा में प्रतिदिन संदिग्ध इंसेफेलाइटिस से बच्चे काल के गाल में समा रहे हैं। लेकिन, स्वास्थ्य महकमा को इसकी फिक्र ...और पढ़ें

दरभंगा । दरभंगा में प्रतिदिन संदिग्ध इंसेफेलाइटिस से बच्चे काल के गाल में समा रहे हैं। लेकिन, स्वास्थ्य महकमा को इसकी फिक्र तक नहीं है। जानकारी के अनुसार, पिछले एक-डेढ़ महीने में संदिग्ध इंसेफेलाइटिस से सैंकड़ों बच्चे बीमार पड़े हैं। इनमें करीब डेढ़ दर्जन बच्चों की मौत हो चुकी है। लेकिन, चिकित्सक किसी परिणाम पर नहीं पहुंच पा रहे हैं कि आखिर इतने बच्चों की मौत किस बीमारी से हो रही है। डीएमसीएच समेत निजी नर्सिंग होम में संदिग्ध इंसेफेलाइटिस के मरीजों को प्रतिदिन इलाज के लिए भर्ती कराया जा रहा है। ये बच्चे अचानक तेज बुखार, उल्टी, शरीर में चमकी के बाद बेहोश हो जाते हैं। इलाज में देर होने पर उन्हें बचाया नहीं जा पा रहा है। लेकिन, समय से सही चिकित्सा सेंटर पर इलाज के लिए पहुंचते हैं तो उनमें से कई बच्चे स्वस्थ्य भी हुए हैं। इधर, डीएम डॉ. चंद्रशेखर ¨सह की अध्यक्षता में शनिवार को जापानिज इंसेफेलाइटिस पर स्वास्थ्य विभाग और पीएचईडी विभाग की बैठक ह ई। लेकिन, मौके पर किसी ने यह नहीं बताया कि इस तरह के लक्षण से जिले में बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है।
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शिशु रोग विभागाध्यक्ष ने माना संदिग्ध इंसेफेलाइटिस
डीएमसीएच के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. केएन मिश्रा ने बताया कि पिछले एक-डेढ़ महीने से प्रतिदिन दो-तीन बच्चे तेज बुखार के बाद अचानक बेहोशी की स्थिति में शिशु रोग विभाग में भर्ती हो रहे हैं। इनमें से कई बच्चे जो समय पर पहुंच पाते हैं इलाज के बाद वे स्वस्थ्य हो रहे हैं। वहीं कई बच्चों की मौत भी हुई है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि तेज बुखार व बेहोशी के कई कारण होते हैं। लेकिन, इसके डायग्नोसिस की यहां व्यवस्था नहीं होने के कारण इस वायरल फीवर का इलाज कठिन है। इस बीमारी का पता लगाने के लिए मरीजों का पीसीआर कराना जरूरी है। तब ही पता चल पाएगा कि इंसेफेलाइटिस है अथवा नहीं। हालांकि, उन्होंने माना कि जिस तरह के लक्षण से बच्चे की मौत हो रही है। यह लक्षण इंसेफेलाइटिस में भी है। उन्होंने माना कि इस तरह के मरीज का इलाज एक्यूट इंसेफ्लाइटिस ¨सड्रोम (एईएस) मानकर ही कर रहे हैं। इधर, आईबी स्मृति आरोग्य सदन में भी पिछले डेढ़ महीने में करीब तीन दर्जन बच्चे तेज बुखार के बाद बेहोशी की स्थिति में भर्ती हुए। इसमें अबतक सात बच्चे की मौत हो गई। डॉ. एमके शुक्ला ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि तेज बुखार के बाद बेहोशी होने पर कई बच्चे की मौत हुई है। मौलागंज स्थित शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. इरशाद ने बताया कि उनके क्लिनिक में भी प्रतिदिन इस तरह के बीमार बच्चे आ रहे हैं।
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तेज बुखार व बेहोशी के बाद बच्चे के मरने की जानकारी न डीएमसीएच से और न ही पीएचसी व निजी नर्सिंग होम से ही मिली है। अगर, इस तरह से बच्चों की मौत होने का सिलसिला जारी है तो वे इसकी तुरंत जानकारी लेंगे और आवश्यक इलाज की व्यवस्था की जाएगी।
डॉ. रमेश चंद्र दाससिविल सर्जन, दरभंगा।
