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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नीतीश ने पूछा, अब सुशील मोदी बताएं शराबबंदी के पक्ष में हैं या विपक्ष में

By Kajal KumariEdited By:
Published: Mon, 19 Dec 2016 03:53 PM (IST)Updated: Mon, 19 Dec 2016 10:53 PM (IST)

नीतीश कुमार ने कहा कि नोटबंदी से ही काले धन पर लगाम संभव नहीं, बेनामी संपत्ति पर लगाम जरुरी है। ...और पढ़ें

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पटना [जेएनएन]। सीएम नीतीश कुमार ने भाजपा नेता सुशील मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि अब उन्हें बताना चाहिए कि वे शराबबंदी के पक्ष में हैं या विपक्ष में। नीतीश कुमार के शराबबंदी अभियान को सुप्रीम कोर्ट से भी हामी मिलने के बाद भाजपा नेता भी इसके पक्ष में दिख रहे हैं, सभी दलों ने इसे सही कदम बताया है और बिहार में शराबबंदी कानून का सुशील मोदी ने विरोध किया था।

आज लोक संवाद कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि नोटबंदी से काले धन पर लगाम नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में कैशलेश की व्यवस्था संभव नहीं। उन्होंने कहा कि कैशलेस तो मेरी समझ से परे है। लोगों को धीरे-धीरे कैशलेस भुगतान की व्यवस्था समझ आएगी और नोटों का चलन भी धीरे-धीरे ही खत्म होगा।

उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद अब बेनामी संपत्ति पर भी लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार को सोचना चाहिए इसके लिए सबको संगठित रुप से आगे आना होगा। बेनामी संपत्ति पर लगाम लगाए बिना काला धन पर पूरा लगाम लगाना संभव नहीं होगा।

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नीतीश ने सेना को राजनीति से दूर रखने की बात कही, उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख की भर्ती या कोई भी प्रक्रिया या कोई भी एेसा मुद्दा हो उसपर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जजों की नियुक्ति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जजों की नियुक्ति मे भी रिक्तियां नहीं रहनी चाहिए।

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नीतीश ने कहा कि चुनाव आयोग ने जो सुझाव दिया है उसपर केंद्र सरकार को सोचना चाहिेए। हम भी यही कहते हैं कि कोई भी हो अगर दस रुपये भी उसके पास हैं तो पूरा ब्योरा उसे देना चाहिए।