विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 01, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गंगा मईया, बाबू कुंवर सिंह और बहादुर 'दामिनी'

By Edited By:
Published: Tue, 01 Jan 2013 09:17 PM (IST)Updated: Tue, 01 Jan 2013 09:19 PM (IST)

News Article Hero Image

बाबू कुंवर सिंह पुल (बक्सर) : ..तब बाबू कुंवर सिंह ने अपने दायें हाथ की तलवार से बायां हाथ काट कर गंगा मईया को अर्पित कर दिया था और देश में आजादी की अलख जगायी थी। 1857 का वही ऐतिहासिक क्षण ऐसा लगा कि मंगलवार की सुबह फिर से दुहराया जा रहा है। फर्क सिर्फ इतना था कि तब गंगा को भेंट करने के लिए अस्सी वर्षीय भोजपुरी शेर का हाथ था और इस बार देश की बिटिया और 'भोजपुरी' लाडो 'दामिनी' की अस्थि। बक्सर के सारिमपुर घाट व बलिया के भरौली घाट के बीच दिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की अस्थि गंगा में समाहित हो गयी, लेकिन आधी आबादी के मान-सम्मान के लिए सामाजिक जागरूकता का अलख जगाकर।

गाजीपुर जिले के एक गांव की मूल निवासी 'दामिनी' की अस्थि सोमवार को ही उसके पैतृक घर पहुंचा दी गयी थी। यह महज संयोग है कि अस्थि विसर्जन के लिए बलिया जिले के जिस भरौली घाट को चुना गया, वहीं से बाबू कुंवर सिंह की स्मृति में गंगा नदी पर बना पुल यूपी से बिहार को जोड़ता है। देश की 'बेटी' को 'मां' की गोद में समाते देखने के लिए सुबह से ही भरौली घाट व कुंवर सिंह पुल पर लोगों की भीड़ उमड़ने लगी। वहीं, यूपी का प्रशासनिक अमला व नेताओं की भीड़ जत्थे-जत्थे में लोगों के बीच खड़ी दिख रही थी। गंगा के इस पार सारिमपुर घाट पर भी लोग उस पार की हलचल को कौतूहल भरी नजरों से देख रहे थे। लगभग पौने ग्यारह बजे, पुल पर वाहनों की आवाजाही अचानक थम गयी। बक्सर से इस क्षण का गवाह बनने यहां खड़े लोग भाग कर पुल की रेलिंग से सट कर खड़े हो गये। सभी की नजरें भरौली घाट की ओर लग गयीं। वहीं, भरौली घाट पर खड़ा प्रशासनिक अमला भी अलर्ट की मुद्रा में आ गया। दस-बारह गाड़ियों व दो ट्रैक्टरों से घाट पर पहुंचे 'दामिनी' के परिजनों व गांव-समाज के अन्य लोग लाल कपड़े में लिपटी अस्थि लेकर गंगा तट की ओर बढ़े। यहां पहले से ही तैयार स्टीमर पर सभी लोग सवार हुए और ठीक बाबू कुंवर सिंह पुल के नीचे अस्थि गंगा में विसर्जित कर दी गयी। ..और पूरब की ओर बहती पवित्र धारा के साथ अस्थि के हर कण में मौजूद दामिनी नये साल में हर दिन जागरूकता का नया सबेरा लाने के सफर पर निकल गयी।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर