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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

माणिकचक में डायरिया का कहर, एक की मौत

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Published: Fri, 18 Jul 2014 10:04 PM (IST)

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जागरण संवाददाता, बांका : नगर पंचायत क्षेत्र का माणिकचक मुहल्ला पिछले चार दिनों से डायरिया की चपेट में है। इससे दर्जन भर लोग आक्रांत हो चुके हैं। गुरुवार को 12 वर्ष की एक लड़की किरण कुमारी उर्फ खखरी इसकी चपेट में आकर काल कवलित हो गई। उसकी मौत सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई है। जबकि, डायरिया पीड़ित इसी परिवार का 70 वर्षीय अकली देवी, सात वर्षीय सरस्वती कुमारी, छह वर्षीय कांग्रेस यादव, भूदेव यादव आदि का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।

जानकारी के अनुसार सात दिन पूर्व गांव के शिवशंकर यादव के घर डायरिया हुआ। देखते ही देखते तीन दिनों के अंदर इसने भूदेव यादव और अशोक यादव के घर के लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। तीनों परिवार के एक दर्जन से अधिक सदस्य डायरिया से पीड़ित हो चुके हैं। इसमें कुछ की हालत ठीक होने पर शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। मौत की शिकार हुई किरण कुमारी उर्फ खखरी के पिता भूदेव यादव ने बताया कि दो पहले उसकी पुत्री की हालत काफी खराब हो गई थी। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। जहां गुरुवार को उसकी मौत हो गई। उसके परिवार के कई और सदस्य अभी अस्पताल में भर्ती है। आश्चर्य कि शहर के मुहल्ले में डायरिया फैलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम अब तक गांव नहीं पहुंची है। इधर पास के रीगा गांव में शुक्रवार को डायरिया फैलने की खबर है। इस गांव के डायरिया पीड़ित विक्रम को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती किया गया है।

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कोट

बरसात के मौसम में डायरिया तेजी से फैलता है। गांव में छोटी मछलियां खाने से यह बीमारी फैलती है। इससे लोगों को बचना चाहिए। इस मौसम में बच्चों को अच्छी तरह से हाथ साफ करा कर खाना खिलाएं। बासी भोजन बिल्कुल नहीं दें। गर्म भोजन ही खिलाएं। उल्टी दस्त की शिकायत पर तुरंत मरीज को नजदीक के सरकारी अस्पताल पहुंचाएं। सरकारी अस्पताल में इसके इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसमें जरा सी लापरवाही जानलेवा हो सकती है।

डॉ. मदन कुमार पाठक,

सदर अस्पताल, बांका