यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इंसेफ्लाइटिस से एक और बच्चे की मौत
-मरने वालों की संख्या बारह पहुंची - अधिकारिक रूप से आठ बच्चों की पुष्टि हुई -मझुआ चिरवा रहिका टो

-मरने वालों की संख्या बारह पहुंची
- अधिकारिक रूप से आठ बच्चों की पुष्टि हुई
-मझुआ चिरवा रहिका टोला में मौत सिलसिला जारी है।
-मझुआ व बसैटी में इस बीमारी का है प्रकोप
-पहली बार जागरण छपी खबर के बाद हरकत में आया था प्रशासन
बसैटी(अररिया),संसू : जानलेवा बीमारी के कारण रानीगंज प्रखंड के मझुआ चिरवा रहिका में बुधवार की मध्य रात्रि एक और आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गयी। विगत एक माह के अंदर बसैटी और मझुआ में मरने वाले बच्चों की संख्या बारह होने की खबर है। जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंसेफलाईटिक्स नामक बीमारी से आठ बच्चों की मौत की पुष्टि की गयी है। मृत बच्चे के परिजनों ने बतया कि बीते बुधवार को राज कुमार ऋषिदेव को बुखार और उल्टी होने लगा। इसके बाद उसे इलाज के लिये रानीगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों द्वारा दवाई देने के बाद शाम में उसे घर लाया गया। उसी रात एक बजे राज कुमार की मौत हो गयी। मृतक अपने नाना विलास ऋषिदेव के यहां चिरवा रहिका में रहता था।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार चिरवा रहिका ओर उसके आसपास में आठ बच्चे की मौत हो चुकी है जबकि बसैटी वार्ड नंबर मे देा बच्चों की मौत विगत एक माह के अंदर हुयी है। जबकि एक बच्चा बौसी वार्ड नंबर सात और मझुआ वार्ड नंबर पांच मौत हुयी है। बच्चे के मरने की सिलसिला विगत एक महीना से चल रहा था परन्तु स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक नहीं थी। 26 सितंबर को जागरण में खबर छपने के बाद प्रशासन हरकत में आयी। और अधिकारी गांव पहुंचकर मरने वाले बच्चे के परिजनों की सुधी ली। लेकिन आश्वासन के बाद भी गांव में अबतक दवाई का समुचित छिड़काव नहीं किया गया है। पंचायत के मुखिया ने पूरे पंचायत में जांच शिविर के साथ ही साथ ही साथ गावं में दवाई की छिड़काव की मांग की है।
रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक डा. विजय कुमार ने बताया अब तक आठ बच्चे की मौत इंसेफलाइटिक्स से हुई है। चिकित्सक लगातार गांव में कैम्प कर रहे हें। स्थिति नियंत्रण में है। गांव में दवाई का छिड़काव किया जा रहा है।
