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अमेरिका और ईरान के बीच हमले रोकने पर सहमति, कतर में होगी होर्मुज पर वार्ता

Published: Mon, 29 Jun 2026 02:45 AM (IST)Updated: Mon, 29 Jun 2026 06:51 AM (IST)

अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव कम होगा।

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HighLights

  1. अमेरिका और ईरान सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए।

  2. दोनों देश कतर में हॉर्मुज विवाद पर वार्ता करेंगे।

  3. यह सहमति तीव्र जवाबी हमलों के बाद बनी।

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच हुए तीव्र जवाबी हमलों के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है। पिछले कुछ दिनों के हमलों ने हाल ही में हुए नाजुक युद्धविराम के टूटने का खतरा पैदा कर दिया था। अब दोनों देश तनाव कम करने के उद्देश्य से मंगलवार को कतर में बातचीत की मेज पर लौटने को तैयार हैं।

एक्सियोस के अनुसार, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। यह सहमति दोनों देशों के बीच पिछले कुछ दिनों से जारी उन ताजा जवाबी हमलों के बाद बनी है, जिससे दोनों पक्षों के बीच हुआ बेहद नाजुक युद्धविराम पूरी तरह टूटने की कगार पर पहुंच गया था।

दोहा में होर्मुज विवाद पर चर्चा

अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में दोनों पक्षों के बीच एक अहम तकनीकी वार्ता निर्धारित है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाना है।

यह चर्चा मुख्य रूप से युद्धविराम ज्ञापन की अलग-अलग व्याख्याओं पर केंद्रित होगी, विशेष रूप से उन प्रावधानों पर जो इस जलमार्ग के माध्यम से वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को नियंत्रित करते हैं।

ईरान ने अमेरिका पर लगाया डील का उल्लंघन करने का आरोप

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर एक वैकल्पिक शिपिंग कॉरिडोर बनाने की कोशिश करके अंतरिम समझौता ज्ञापन का उल्लंघन कर रहा है।

बगदाद में बोलते हुए, अरागची ने कहा कि समझौते की धारा 5 के तहत, 60 दिनों की बातचीत की अवधि के दौरान जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही के समन्वय की पूरी ज़िम्मेदारी ईरान की है। उन्होंने कहा कि तेहरान के समन्वय के बिना गुज़रने वाला कोई भी जहाज़ समझौते का उल्लंघन होगा।

ईरान का जवाबी कार्रवाई का दावा

इससे पहले, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया था कि उसने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों का उपयोग करके बहरीन और कुवैत में आठ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है।

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ये हमले अमेरिका द्वारा सिरिक और केशम में ईरानी सैन्य सुविधाओं पर की गई हालिया एयरस्ट्राइक के सीधे जवाब में किए गए थे।