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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 05, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नए लुक वाले एन-95 मास्क की खासियत जानकर आप भी हो जाएंगे गदगद, सेंध नहीं लगा पाएगा वायरस

By Ramesh MishraEdited By:
Published: Fri, 05 Mar 2021 07:27 PM (IST)Updated: Fri, 05 Mar 2021 07:39 PM (IST)

कोरोना से बचाव के लिए उपयुक्त माने जाने वाले एन-95 मास्क की उपलब्धता और कीमत एक समस्या रही है। अब ...और पढ़ें

एन-95 मास्क की खासियत जानकर आप भी हो जाएंगे गदगद। फाइल फोटो।
एन-95 मास्क की खासियत जानकर आप भी हो जाएंगे गदगद। फाइल फोटो।

वाशिंगटन, एजेंसी। Corona epidemic and N-95 masks : दुनिया में कोरोना वायरस के प्रसार ने दुनिया को चिंता में डाल रखा है। वैक्‍सीन से लेकर इसके बचाव के तमाम उपक्रम किए जा रहे हैं। इसके लिए कई देशों ने अपने यहां मास्‍क पहनना अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, बाजार में बिक रहे मास्‍क पर कई बार सवाल उठाए जा चुके हैं। ऐसे में यह खबर आपको राहत देने वाली हो सकती है। दरअसल, कोरोना से बचाव के लिए उपयुक्त माने जाने वाले एन-95 मास्क की उपलब्धता और कीमत एक समस्या रही है, लेकिन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस द्वारा प्रकाशित ऑक्सफोर्ड ओपन मैटेरियल साइंस के एक नए शोधपत्र में इसका समाधान सुझाया गया है। इसके प्रयोग से मौजूदा एन-95 मास्क में सुधार कर उसे संक्रमण मुक्त कर लंबे समय तक बार-बार उपयोग में लाया जा सकेगा।

जानें, इस नए मास्‍क की खूबियां

 

  • दरअसल, प्राथमिक तौर पर मास्क की गुणवत्ता उसके फिल्टर की क्षमता एयरोसोल के आकार और इस्तेमाल की अवधि से तय की जाती है। पारंपरिक एन-95 मास्क में परत प्रणाली (लेयर्ड सिस्टम) और उसकी इफिशंसी कार्यक्षमता 95 फीसद होती है। इस मास्क को आठ घंटे से ज्यादा समय तक पहनने के बाद उसका असर कम होने लगता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि उसे एक बार इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया होता है, लेकिन कोरोना महामारी के दौर में मांग बढ़ने से मास्क को संक्रमण मुक्त कर दोबारा इस्तेमाल करने की आवश्यकता महसूस की गई।
  • इसकी कीमत 200-250 रुपये हुआ करती थी। इसी के मद्देनजर विज्ञानी इस प्रकार के मास्क को संक्रमण मुक्त कर उसे दोबारा उपयोग में लाने के उपाय ढूंढ़ने में लग गए थे। अब शोधकर्ताओं ने कम कीमती मास्क का एक डिजाइन पेश किया है। यह एक डॉलर (करीब 73 रुपये) में नायलॉन युक्त तीन परत वाले मास्क प्रस्तावित किया है, जिसमें परिवर्तित पालीप्रोपलीन तथा बिना बुने कॉटन होगा। एन-95 मास्क में पालीप्रोपलीन का लेयर पहले भी मौजूद रहता है, लेकिन इस नए डिजाइन में ग्रैफीन ऑक्साइड और पालीविनायलिडीन फ्लूओराइड का मिश्रण भी लगाया जाएगा, जो एक सक्रिय फिल्टर लेयर का काम करेगा।
  • हालिया, अध्ययन से यह भी सामने आया है कि ग्रैफीन ऑक्साइड मिश्रण उच्च गुणवत्ता वाला बैक्टीरिया रोधी का काम करता है, जो मास्क को असरकारी बनाता है। यह कोटिंग मास्क को हैवी वाटर से धोकर कर संक्रमण मुक्त बनाए जाने के बाद भी काम करता है। इस तरह यह मास्क दोबारा इस्तेमाल में भी 95 फीसद की इफिशंसी वाला होगा। कम कीमती, पहनने में आसान और दोबारा इस्तेमाल योग्य यह मास्क सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी मददगार होगा।