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स्कॉटलैंड, उत्तरी आयरलैंड और वेल्स ने ऐतिहासिक MoU पर किए हस्ताक्षर, यूके से मांगी 'आजादी'

Published: Tue, 15 Sep 2026 10:34 AM (IST)

स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड ने लंदन के नियंत्रण से आजादी की घोषणा करते हुए एक संयुक्त समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

स्कॉटलैंड, उत्तरी आयरलैंड और वेल्स ने ऐतिहासिक MoU पर किए हस्ताक्षर(फोटो: सोशल मीडिया)

स्कॉटलैंड, उत्तरी आयरलैंड और वेल्स ने ऐतिहासिक MoU पर किए हस्ताक्षर(फोटो: सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, लंदन। यूनाइटेड किंगडम के राजनीतिक इतिहास में ऐतिहासिक बदलाव देखा गया है। सोमवार को स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड की संसदों के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने एक संयुक्त समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें सीधे तौर पर लंदन के नियंत्रण से मुक्त होने के साझा इरादे की घोषणा की गई है।

इस ऐतिहासिक समझौते में स्पष्ट किया गया है कि इन द्वीपों का राजनीतिक परिदृश्य अब पूरी तरह बदल रहा है। इतिहास में यह पहला मौका है जब स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड तीनों जगहों पर ऐसे प्रथम मंत्री सत्ता में हैं, जो यूनाइटेड किंगडम से पूर्ण आजादी के विचार के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस कदम को वैश्विक स्तर पर वेस्टमिंस्टर के राजनीतिक प्रभुत्व के अंत के एक बड़े और स्पष्ट संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

किन नेताओं ने किए हस्ताक्षर?

कार्डिफ में हुए शिखर सम्मेलन के दौरान स्कॉटलैंड के प्रथम मंत्री जॉन स्विनी, वेल्स के प्रथम मंत्री रुन अप योरवर्थ और उत्तरी आयरलैंड की प्रथम मंत्री मिशेल ओ'नील ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इनके अलावा आयरलैंड में विपक्ष की नेता और सिन फेन पार्टी की अध्यक्ष मैरी लो मैकडोनाल्ड इस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाली चौथी नेता थीं।

समझौते में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि हमारे राष्ट्रों को आत्मनिर्णय का अधिकार है। वेस्टमिंस्टर की किसी भी सरकार को हमारे लोकतंत्र को रोकने या इस सिद्धांत को कमजोर करने का कोई अधिकार नहीं है कि हमारे लोग अपना भविष्य खुद तय करेंगे।

पहली बार सभी संसदों में आजादी का समर्थक

मई में वेल्स की संसद सेनेड चुनावों में प्लेड किमरी की जीत ने 1999 में शक्तियों के हस्तांतरण की शुरुआत के बाद से वेल्स सरकार पर लेबर पार्टी के एकाधिकार को समाप्त कर दिया। इसका मतलब यह है कि पहली बार यूके की तीनों संसदों में आज़ादी समर्थक पार्टियां सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हैं।

MoU के अनुसार, हमारे प्रत्येक राष्ट्र को लोकतांत्रिक तरीकों से और अपने लोगों की इच्छाओं के अनुसार अपना भविष्य तय करने का अधिकार है। हम ब्रिटिश सरकार से आह्वान करते हैं कि वह प्रत्येक अधिकार क्षेत्र में संवैधानिक बदलाव के लिए तैयारी करे, योजना बनाए और उसे सुगम बनाए।

समझौता में अर्थव्यवस्था और यूरोपीय संघ पर जोर

यह समझौता सभी पार्टियों को अर्थव्यवस्था और ऊर्जा संसाधनों जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध करता है। इसके साथ ही, इस बात पर भी आम सहमति जताई गई है कि इन राष्ट्रों का भविष्य यूरोपीय संघ (EU) के साथ है।

इस राजनीतिक घटनाक्रम पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री यूके की एकता में दृढ़ता से विश्वास करते हैं। उनका ध्यान संवैधानिक बहसों के बजाय लोगों के जीवन-यापन के बढ़ते खर्च के संकट को कम करने पर केंद्रित है।

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