लंदन, एएनआइ। पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता और भारतीय समुदाय के लोगों ने लंदन स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर सोमवार को भी प्रदर्शन किया। लोग पाकिस्तान के सिंध प्रांत में महक कुमारी नामक एक किशोरी को जबरन मुसलमान बनाने और उसकी शादी एक मुस्लिम व्यक्ति से कराने के विरोध में रविवार से प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों में पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता भी शामिलधर्मातरण पर रोक लगनी चाहिए

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'हम पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर अल्पसंख्यक लड़कियों के मानवाधिकार की रक्षा के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। वे ईसाई हों, सिख हों या फिर हिंदू। उन्हें अगवा करके जबरन मुसलमान बनाया जा रहा है। 14 वर्षीय महक कुमारी को भी अगवा करके मुसलमान बनाया गया। हम चाहते हैं कि इस्लामिक धर्मातरण और खासकर अल्पसंख्यकों के धर्मातरण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगे।'

पाक में 15 जनवरी को नाबालिग लड़की से जबरन इस्लाम कुबूल करवाया गया

सिंध प्रांत के जैकोबाबाद जिले में 15 जनवरी को अधेड़ अली रजा ने नाबालिग महक को अगवा कर लिया था। महक ने कहा था कि उससे जबरन इस्लाम कुबूल करवाया गया। इससे इस्लामिक कट्टरपंथी बौखला गए थे। उन्होंने लड़की को ईश निंदा का दोषी बताते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद महक ने कोर्ट में अपना बयान बदल दिया था। इस मामले में सजा सुनाने से पहले कोर्ट ने उसे 11 दिनों के लिए लरकाना जिले के दार-उल-अमन भेज दिया था।

जबरन इस्लाम कुबूल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

इस घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आयोजन ललकार सोशल फोरम के तत्वावधान में ब्रिटेन का भारतीय समाज कर रहा है। प्रदर्शनकारियों में इंटरनेशनल फ्रेंड्स ऑफ सिंध के संगठनकर्ता मीर सलीम भी शामिल रहे, जो इसमें हिस्सा लेने के लिए जर्मनी से आए थे।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति बेहद खराब

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति बेहद खराब है। उन्हें आए दिन इस्लामिक कट्टरपंथियों के उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। घर और दुकान को नुकसान पहुंचाने की बात तो आम है, नाबालिग लड़कियों का भी सरेआम अपहरण कर लिया जाता है। उनका जबरन धर्मातरण कराया जाता है।

Posted By: Bhupendra Singh

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