लंदन, पीटीआइ। लंदन की अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी (Fugitive Diamantaire) नीरव मोदी (Nirav Modi) की कस्टडी बढ़ा दी है। 13 हजार 500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank case) धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering Case) में नीरव मोदी की न्यायिक हिरासत 11 नवंबर तक बढ़ा दी है। 48 वर्षीय हीरा कारोबारी को वेस्टमिनिस्टर की मजिस्ट्रेट कोर्ट (Westminster Magistrates' Court) के न्यायाधीश के समक्ष वीडियो लिंक (Video Link) के माध्यम से पेशी हई।

पीएनबी लोन डिफॉल्ट मामले में निरव मोदी और मेहुल चोकसी मुख्य आरोपी हैं। घोटाला सामने आने के बाद से ही दोनों कारोबारी पिछले साल जनवरी में देश छोड़कर भाग गए थे। निरव मोदी को 19 मार्च को स्कॉटलैंड यार्ड ने मामले में गिरफ्तार किया था और तब से वो दक्षिण-पश्चिम लंदन स्थित वांड्सवर्थ जेल में बंद है।                 

मई 2020 में प्रत्यर्पण की कार्रवाई  शुरू होने की उम्मीद

बता दें कि भारतीय जांच एजेंसियों और अदालतों द्वारा बार-बार समन भेजने के बावजूद भी निरव मोदी भारत नहीं लौटा है। वहीं भारत सरकार आर्थिक अपराधों से जुड़े मामले में कानून का सामना करने के लिए उसके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की कार्रवाई मई 2020 में शुरू होने की उम्मीद है।

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