ब्रिटेन में कोविड उपकरणों से जुड़ी धोखाधड़ी का मामला, भारतीय मूल के दंपती को जेल
ब्रिटेन में कोविड-19 महामारी के दौरान पीपीई आपूर्ति का झूठा दावा कर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में भारतीय ...और पढ़ें

भारतीय मूल के दंपती को जेल।
HighLights
ब्रिटेन में कोविड पीपीई आपूर्ति धोखाधड़ी का मामला।
भारतीय मूल के दंपती योगेश-मीनाक्षी भंडारी को सजा।
लाखों पाउंड की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप।
डिजिटल डेस्क, लंदन। ब्रिटेन में कोविड-19 महामारी के दौरान व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट - पीपीई) उपलब्ध कराने का झूठा दावा कर धोखाधड़ी करने और अवैध रूप से धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) करने वाले भारतीय मूल के एक दंपती को अदालत ने सजा सुनाई है।
लीसेस्टर क्राउन कोर्ट में पांच सप्ताह तक चले मुकदमे के बाद योगेश भंडारी (59) और उनकी पत्नी मीनाक्षी भंडारी (58) को दोषी पाया गया।
राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (एनसीए) की जांच में खुलासा हुआ कि इस दंपति ने 2020 और 2021 के दौरान पीपीई आपूर्ति के नाम पर वैध व्यवसायों से ठगी की और उस लाखों पाउंड की रकम का इस्तेमाल घर के रेनोवेशन और लग्जरी कारें खरीदने जैसी ऐशो-आराम की चीजों पर किया। एक अन्य सहयोगी क्रेग मारिस (43), जिसने इस कंपनी की ओर से फर्जी सौदे किए थे, उसे भी इस महीने तीन साल और नौ महीने की सजा सुनाई गई।
अदालत ने मीनाक्षी भंडारी को दो साल की जेल का आदेश दिया। वहीं, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देकर अदालत में पेश न होने वाले मुख्य आरोपित योगेश भंडारी को न्यायाधीश के गिरफ्तारी आदेश के बाद पिछले सप्ताह आठ साल की जेल की सजा सुनाई गई। एनसीए के अधिकारियों ने कहा कि आरोपितों ने महामारी के दौर में स्वास्थ्य सुविधाओं और वैध कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
