लंदन, एजेंसी। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) के नेतृत्व में भारतीय बैंकों का कंसोटयम भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ इंग्लैंड के हाई कोर्ट से बैंक्रप्सी ऑर्डर के लिए प्रयास कर रहा है। बैंकों का कहना है कि माल्या की तरफ से दिया गया सेटलमेंट का कोई भी ऑफर निरर्थक है। कर्ज की राशि की सुरक्षा के लिए बैंक्रप्सी ऑर्डर जरूरी है। 

लंदन में हाई कोर्ट के इन्सॉल्वेंसी खंड में सुनवाई के दौरान बैंकों की तरफ से बैरिस्टर शेकरडेमियन ने जस्टिस माइकल ब्रिग्स के समक्ष दलीलें रखीं। अप्रैल में ब्रिग्स ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि भारत में याचिकाएं लंबित रहने तक माल्या को मौका मिलना चाहिए। उसी आधार पर लंदन में बैंक्रप्सी ऑर्डर पर फैसला हो सकता है। बैंकों ने अपनी दलील में कहा कि इस मामले में बैंक्रप्सी ऑर्डर उचित है, इसमें कोई संदेह नहीं है।

 माल्या की तरफ से इस मामले में जितनी रुकावटें डाली जा रही हैं, सब बेबुनियाद हैं। बैंकों की लीगल टीम ने कहा कि माल्या सेकंड सेटलमेंट ऑफर के तौर पर जिस यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग्स लिमिटेड की दलील दे रहा है, वह उसके ऑफिशियल लिक्विडेटर के कब्जे में है। माल्या या पुराने प्रबंधन का अब उस पर कोई नियंत्रण नहीं है। इसलिए यह सेटलमेंट ऑफर पूरी तरह निरर्थक है।माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर भी ब्रिटेन में सुनवाई चल रही है। 

फिलहाल प्रत्यर्पण के मामले में माल्या के सामने सभी कानूनी रास्ते बंद हो चुके हैं। ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की उसकी याचिका मई में खारिज कर दी गई थी। हालांकि अभी उसके प्रत्यर्पण को लेकर अनिश्चितता कायम है, क्योंकि ब्रिटिश सरकार ने माल्या की तरफ से शरण मांगने संबंधी आवेदन को लेकर कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की है।

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