लंदन, पीटीआइ। इंग्लैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने नए एंटीबॉडी टेस्ट को मंजूरी प्रदान कर दी है जिससे पता चलता है कि व्यक्ति पहले कोरोना वायरस से संक्रमित था या नहीं। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (PHE) ने कहा कि यह टेस्ट स्विस फार्मास्यूटिकल कंपनी रोशे द्वारा विकसित किया गया है, जिसके काफी सकारात्मक परीणाम देखे गए हैं। इससे यह भी पता चल सकेगा कि व्यक्ति में वायरस से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा है या नहीं।

इसमें एक ब्लड टेस्ट किया जाएगा जो यह जानने में मदद करेगा कि कोई व्यक्ति पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुका है या नहीं और क्या अब उसमें कुछ प्रतिरक्षा है। यूके कोरोना वायरस टेस्टिंग प्रोग्राम के राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर जॉन न्यूटन ने कहा कि यह एक बहुत ही सकारात्मक विकास है जो पहले के संक्रमण का पता लगाने में सक्षम हैं और लोग रिपोर्ट से जान सकेंगे कि क्या उनमें वायरस से बचने के लिए एंटीबॉडीज हैं या नहीं।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन पहले ही कह चुके हैं कि वायरस से लड़ाई में एंटीबॉडी टेस्ट 'गेमचेंजर' साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने कहा, "एंटीबॉडी टेस्ट कोरोना वायरस प्रसार के खिलाफ हमारी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है जिससे यह पता चल सकेगा कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित था या नहीं।"

यूनाइटेड किंगडम में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 2 लाख से ऊपर है। जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक यहां 2 लाख 30 9 सौ 85 लोगों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है वहीं 33 हजार से ज्यादा लोग इसकी वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं।

वहीं दुनियाभर में 43 लाख से ज्यादा लोगों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है जबकि 2 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु इस वायरस के कारण हो गई है। इस वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला देश अमेरिका है जहां 13 लाख से ज्यादा आबादी इसकी चपेट में है और 84 हजार से अधिक लोगों की मृत्यु इस वायरस की वजह से हो चुकी है।

Posted By: Neel Rajput

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