लंदन, एजेंसी। ब्रिटेन में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते कुछ महीनों से राहत के बाद अब फिर देश में चिंता बढ़ गई है। फरवरी के बाद से कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। ये इस बात के संकेत हैं कि संक्रमण का डेल्टा वेरिएंट देश में तेजी से फैल रहा है। डब्ल्यूएचओ ने भी यूरोपीय देशों को कोविड-19 के डेल्टा वैरिएंट से सावधान रहने की अपील की है। 

कोरोना के बढ़ते मामले गंभीर

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने देश में बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर चिंता जताई है। स्काई न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा की, देश में कोरोना के मरीजों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ये साफ है की कोविड-19 का भारतीय वेरिएंट ज्यादा संक्रामक है। जिसके कारण अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। ये बहुत ही ज्यादा गंभीर समस्या है।

लॉकडाउन को लेकर असमंजस

अपने एक बयान में जॉनसन ने कहा की, वो देश में अनलॉक की प्रक्रिया के लिए इस महीने की तुलना में पिछले महीने ज्यादा कॉन्फिडेंट थे। लेकिन अब हमें ये नहीं पता है की इस महामारी के कारण कितने लोगों की मौत होगी। जॉनसन ने कहा कि, वो सोमवार तक तय करेंगे कि आने वाली 21 जून को देश से लॉकडाउन हटाना है या नहीं।

कुछ दिन और बढ़ सकता है लॉकडाउन

ब्रिटेन के कुछ हिस्सों में कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट के मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी है। ऐसी आशंका जताई जा रही है की, देश की सरकार ने 21 जून के बाद भी लॉकडाउन को 15 दिनों के लिए और बढ़ा सकती है। जानकारों का मानना है कि लॉकडाउन को समाप्त करने से पहले सरकार चाहती है कि देश में 50 साल से ज्यादा उम्र वाले सभी लोगों के कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगा दें। ब्रिटेन के एक अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया कि लॉकडाउन को समाप्त करने की तय समय सीमा को दो हफ्तों से एक महीने के बीच बढ़ाए जाने की आशंका है। अब जॉनसन का बयान आने के बाद लॉकडाउन बढ़ने की आशंका और बढ़ गई है।

Edited By: Ramesh Mishra