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प्रिंसेस गैम्बिट: शतरंज की बिसात पर बोधना शिवानंदन का कमाल, महज 11 वर्ष की उम्र में बनीं इंटरनेशनल मास्टर

Published: Sun, 25 Oct 2026 09:58 AM (IST)

11 वर्षीय ब्रिटिश-भारतीय चेस प्रॉडिजी बोधना शिवानंदन शतरंज इतिहास में इंटरनेशनल मास्टर का खिताब हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

बोधना शिवानंदन 11 वर्ष की उम्र में बनीं इंटरनेशनल मास्टर(फोटो: पीटीआई)

 बोधना शिवानंदन 11 वर्ष की उम्र में बनीं इंटरनेशनल मास्टर(फोटो: पीटीआई)

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डिजिटल डेस्क, लंदन। तमिल मूल की 11 वर्षीय ब्रिटिश-भारतीय चेस प्रॉडिजी बोधना शिवानंदन ने अपने नाम एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज कर ली है। वह शतरंज इतिहास में इंटरनेशनल मास्टर खिताब की शर्तें पूरी करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

लंदन के उपनगर हैरो में रहने वाली बोधना ने मोंटेनेग्रो के बुडवा में आयोजित यूरोपीय महिला क्लब कप के अंतिम राउंड में जीत दर्ज कर यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया।

जूडीत पोल्गार का 38 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

इस जीत के साथ बोधना ने हंगरी की महान शतरंज खिलाड़ी जूडीत पोल्गार का 38 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। शतरंज के इतिहास की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी मानी जाने वाली पोल्गार ने 1988 में 12 साल की उम्र में यह खिताब हासिल किया था।

बाद में पोल्गार दुनिया की शीर्ष-10 ओपन रैंकिंग में शामिल हुईं और दुनिया के दिग्गज पुरुष ग्रैंडमास्टर्स के खिलाफ प्रतिस्पर्धी मुकाबले खेले।

अंतिम राउंड में दर्ज की निर्णायक जीत

प्रतियोगिता के पहले राउंड में पूर्व महिला विश्व चैंपियनशिप चैलेंजर जीएम एलेक्जेंड्रा गोर्याचकिना से मिली हार के बाद बोधना ने जोरदार वापसी की और 7 मैचों में कुल 5.5 अंक जुटाए।

अंतिम राउंड में उन्होंने स्वीडन की महिला इंटरनेशनल मास्टर विक्टोरिया जोहानसन को 32 चालों में मात दी। इस जीत ने उनकी टीम शी प्लेज टू विन लायनेसेस ए को 4-0 से जीत दिलाई।

इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना तीसरा और अंतिम IM नॉर्म हासिल किया और आवश्यक 2400 लाइव रेटिंग सीमा को पार कर लिया, जिससे वह इतिहास में IM खिताब हासिल करने वाले 10 सबसे युवा खिलाड़ियों की सूची में भी शामिल हो गईं।

उपलब्धियों की लंबी कतार

इंटरनेशनल मास्टर शतरंज में ग्रैंडमास्टर के बाद दूसरा सबसे बड़ा ओपन खिताब होता है। बोधना ने हाल ही में वूमन ग्रैंडमास्टर का खिताब पूरा करने वाली इतिहास की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड भी बनाया था।

जनवरी 2026 से बोधना को प्रशिक्षित कर रहे ग्रैंडमास्टर मेर्ट एर्दोग्दु ने बताया कि उनकी प्रगति स्वाभाविक थी, क्योंकि वह खेल से गहरा लगाव रखती हैं और हर हफ्ते चार दिन कड़ा अभ्यास करती हैं।

वहीं इंग्लिश चेस फेडरेशन के अंतरराष्ट्रीय चेस और बाहरी संबंध निदेशक, आईएम मैल्कम पेन ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि बोधना एक असाधारण और पीढ़ियों में कभी-कभार दिखने वाली प्रतिभा हैं।

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