भारतीय मूल की बोधना शिवानंदन इंग्लैंड की टॉप महिला खिलाड़ी बनीं, 2007 में माता-पिता तमिलनाडु से इंग्लैंड चले गए थे
भारतीय मूल की शतरंज खिलाड़ी बोधना शिवानंदन अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) की नवीनतम रेटिंग सूची के अनुसार इंग्लैंड की शीर्ष महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

बोधना शिवानंदन।
नई दिल्ली, पीटीआई। भारतीय मूल की शतरंज खिलाड़ी बोधना शिवानंदन अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) की नवीनतम रेटिंग सूची के अनुसार इंग्लैंड की शीर्ष महिला खिलाड़ी बन गई हैं। इस 11 वर्षीय खिलाड़ी के माता-पिता 2007 में तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से इंग्लैंड चले गए थे। उनके अभी 2366 रेटिंग अंक हैं।
उत्तरी लंदन में रहने वाली प्राथमिक विद्यालय की छात्रा बोधना ने फिडे की सूची में चार बार की ब्रिटिश महिला चैंपियन 25 वर्षीय लैन याओ को पीछे छोड़कर इंग्लैंड के खिलाड़ियों में शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके साथ ही वह पहली बार विश्व की शीर्ष 100 महिला खिलाड़ियों में भी शामिल हो गई हैं। वह अभी 72वें स्थान पर काबिज हैं। इंग्लैंड के शतरंज महासंघ ने एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी।
जानकारी के अनुसार, यह हैरो की एक स्कूली छात्रा के लिए बड़ी उपलब्धि है जिन्होंने (2020 के कोविड-19) लॉकडाउन के दौरान उस बैग में शतरंज का बोर्ड और सेट मिलने के बाद इस खेल को अपनाया, जिसे उसके पिता फेंकना चाह रह थे। भारतीय मूल के पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने शिवानंदन को बधाई दी और उस समय को याद किया जब उन्होंने अपने सरकारी आवास पर उनके साथ एक मैच खेला था।
सुनक ने एक्स पर पोस्ट किया कि केवल 11 साल की उम्र में इंग्लैंड की शीर्ष महिला शतरंज खिलाड़ी बनने पर बोधना शिवानंदन को बहुत-बहुत बधाई। हम एक बार डाउनिंग स्ट्रीट गार्डन में एक-दूसरे के विरुद्ध खेले थे। उनकी सफलता कोई हैरानी की बात नहीं है।
