लंदन, [रायटर]। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे को अपनी ही कंजरवेटिव पार्टी में अविश्वास का सामना करना पड़ रहा है। यूरोपीय संघ (ईयू) से बाहर निकलने की उनकी नीति से असंतुष्ट ब्रेक्जिट समर्थक 50 कंजरवेटिव सांसदों ने मंगलवार रात आपस में मुलाकात कर टेरीजा को प्रधानमंत्री पद से हटाने पर चर्चा की।

जून, 2017 में समयपूर्व हुए चुनाव में पार्टी को काफी सीटों का नुकसान हुआ था। उसके बाद से ही टेरीजा को प्रधानमंत्री पद से हटाने की चर्चा चलती रही है। यूरोपीय संघ से ब्रेक्जिट समझौता करने की कोशिशों में जुटी टेरीजा को इसकी वजह से काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

पार्टी के यूरोपियन रिसर्च ग्रुप (ईआरजी) के सदस्य और ब्रेक्जिट के धुर समर्थकों ने मंगलवार की इस बैठक में टेरीजा को त्रासदी बताया। एक सांसद ने कहा कि पार्टी का नेतृत्व राह से भटक गया है। कुछ ने हालांकि इस वक्त नेतृत्व में परिवर्तन को बेवकूफी बताया।

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ब्रिटेन ने ईयू से अलग होने के लिए अगले साल 29 मार्च की समयसीमा तय की है। इस साल के अंत तक दोनों को एक समझौता करना है जिसे दोनों संसद में पास किया जाएगा। टेरीजा ने ब्रेक्जिट के बाद भी ईयू से स्वतंत्र व्यापार करने और साझा नियम को मंजूर करने का प्रस्ताव दिया था। इसी वजह से उनकी पार्टी के ब्रेक्जिट समर्थक उनसे नाराज हैं।

फिलहाल पार्टी के 315 सांसद हैं। समझौता पास कराने के लिए टेरीजा को 320 वोट की जरूरत है। ऐसे में समझौते पर पार्टी में मतभेद से उनकी सरकार पर संकट आ सकता है। पार्टी संविधान के मुताबिक 15 फीसद सांसद (वर्तमान में 48) चाहें तो नेतृत्व में बदलाव के लिए चुनाव कराया जा सकता है।

Posted By: Vikas Jangra