लंदन, आइएएनएस। फेसबुक यूजर के डाटा लीक का एक और बड़ा मामला सामने आया है। तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाली ब्रिटेन की कंपनियों ने गुरुवार को दावा किया कि 26.7 करोड़ फेसबुक यूजर का डाटा वेब पर सार्वजनिक हो चुका है। इनमें फेसबुक यूजर की आइडी, फोन नवंबर और पूरा नाम शामिल है। डाटा लीक से प्रभावित ज्यादातर यूजर अमेरिकी हैं।

तकनीकी शोध करने वाली ब्रिटिश कंपनी कंपेरिटेक और सुरक्षा मामलों में शोध करने वाली बॉब डियाचेंको का मानना है कि वियतनाम के साइबर अपराधी इन डाटा का इस्तेमाल करते हुए अवैध स्क्रैपिंग या फेसबुक एपीआइ के दुरुपयोग जैसी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। तेजी के साथ किसी भी वेब पेज पर उपलब्ध डाटा को कॉपी करने के काम को स्क्रैपिंग कहा जाता है। यही नहीं, डाटा बेस पर उपलब्ध सूचनाओं के जरिये यूजर को एसएमएस फर्जीवाड़ा या फर्जी योजनाओं का शिकार बनाया जा सकता है।

डाटा लीक का नया मामला उस समय प्रकाश में आया है जब कैंब्रिज अनालिटिका घोटाले के कारण खो चुके विश्वास को फेसबुक दोबारा हासिल करने की कोशिश कर रहा है। 26.7 करोड़ फेसबुक यूजर का डाटा सार्वजनिक होने के मामले का पता लगाने के बाद डियाचेंको ने आइपी एड्रेस का प्रबंधन करने वाले इंटरनेट सेवा प्रदाता को सूचित किया, ताकि इन्हें वेब से हटाया जा सके। हालांकि, यह डाटा डाउनलोड के तौर पर एक हैकर फोरम पर पोस्ट किया जा चुका है।

यह पहला मौका नहीं है जब इस प्रकार का डाटा सार्वजनिक हुआ है। इसी साल सितंबर में 41.9 करोड़ डाटा लीक हुए थे, जिनमें फेसबुक यूजर की आइडी और फोन नंबर शामिल थे। इस प्रकार की घटनाएं हमें सतर्क करती हैं कि संदिग्ध टेक्स्ट मैसेज के प्रति सचेत रहें।

Posted By: Nitin Arora

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