लंदन, पीटीआइ। दो विश्व युद्ध और 1918 के स्पैनिश फ्लू महामारी के दौर से निकली महिला की 108 साल की उम्र में मृत्यु हो गई है। इसके साथ ही ब्रिटेन में सबसे अधिक उम्र की महिला की कोरोना वायरस से मौत हो गई। हिल्डा चर्चिल नामक महिला का 5 अप्रैल को जन्मदिन होता है, लेकिन उन्हें मंगलवार को वायरस के हल्के लक्षण दिखना शुरू हो गए। डेली रिपोर्ट के अनुसार, वह सैलफोर्ड शहर में अपने घर में क्वारंटाइन थी, जहां शनिवार को उनका निधन हो गया। बता दें कि 24 घंटे ही हुए थे उनमें सीओवीआईडी -19 के पॉजिटिव परीक्षण को।

माना गया है कि वह कोरोना वायरस से मरने वाली सबसे उम्रदराज ब्रिटिश महिला थी। उनके पोते एंथनी चर्चिल ने कहा, 'सबसे दुखद बात यह है कि हम जरूरत के समय में उनके साथ वहां नहीं थे।' उन्होंने आगे कहा कि यह हमारे लिए दिल तोड़ने वाला है। उनके जन्मदिन आने में अभी कुछ दिन बाकी थे और हम सभी बहुत उत्साहित थे।

एंथनी ने कहा कि एक बच्चे के रूप में स्पैनिश फ्लू से बचे रहने के बाद मंदी के रूप में काम खोजने के लिए मंदी के दौरान हिल्डा सलफोर्ड चले गए। बता दें कि यूके में 1000 से ज्यादा लोग मर चुके हैं और 17000 से ज्यादा संक्रमित हैं।

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