यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Oleg Kononenko: रूसी अंतरिक्ष यात्री ने बना डाला स्पेस में सबसे ज्यादा दिन तक रहने का रिकॉर्ड, अब भी करीब 4 महीने...
रूसी अंतरिक्ष यात्री ओलेग कोनोनेंको ( Oleg Kononenko ) ने रविवार को अंतरिक्ष उड़ान पूरी करके एक विश्व रिकॉर्ड बना ...और पढ़ें

रॉयटर्स, मॉस्को। Most Time Spent In space: रूसी अंतरिक्ष यात्री ओलेग कोनोनेंको (Oleg Kononenko) ने नया इतिहास रचा है। उन्होंने रविवार को अतंरिक्ष में सबसे ज्यादा दिनों तक रहने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है।
बता दें कि 59 वर्षीय कोनोनेंको ने अपने ही देश के अंतरिक्ष यात्री गेन्नेडी पडल्का का रिकॉर्ड तोड़ यह उपलब्धि हासिल की। गेन्नेडी पडल्का ने स्पेस में 878 दिनों से अधिक समय बिताया था और कोनोनेंको ने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है और 5 जून तक उनके स्पेस में ही रहने की उम्मीद है। ऐसे में स्पेस में रहते हुए उन्हें हजार दिन पूरे हो जाएंगे और सितंबर के अंत तक वह 1,110 दिन पूरे कर लेंगे।
5 जून तक उनके स्पेस में ही रहने की उम्मीद
कोनोनेंको ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से एक साक्षात्कार में टीएएसएस को बताया, 'मैं अपना पसंदीदा काम करने के लिए अंतरिक्ष में उड़ान भरता हूं, रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं। मुझे अपनी सभी उपलब्धियों पर गर्व है, लेकिन मुझे इस बात पर अधिक गर्व है कि अंतरिक्ष में मानव प्रवास की कुल अवधि का रिकॉर्ड अभी भी एक रूसी अंतरिक्ष यात्री के पास है।' बता दें कि वह अभी पृथ्वी से लगभग 263 मील (423 किमी) की दूरी पर परिक्रमा कर रहे है।
बता दें कि गेन्नेडी पडल्का ने कुल 878 दिन, 11 घंटे, 29 मिनट और 48 सेकंड का समय अंतरिक्ष में बिताया था।सोवियत संघ ने 1957 में पृथ्वी की कक्षा में स्पुतनिक 1 उपग्रह लॉन्च किया था। सोवियत अंतरिक्ष यात्री यूरी गगारिन 1961 में अंतरिक्ष में यात्रा करने वाले पहले व्यक्ति बने।
कौन हैं कोनोनेंको?
1991 में सोवियत संघ के पतन के बाद, रूस का अंतरिक्ष कार्यक्रम बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार से जूझ रहा था।अधिकारियों और अंतरिक्ष विश्लेषकों के अनुसार, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अधीन अधिकारियों ने बार-बार रूस के अंतरिक्ष कार्यक्रमों में गिरावट को दूर करने की कोशिश की।
कोनोनेंको ने बचपन में अंतरिक्ष में जाने का सपना देखा था और अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण से पहले एक इंजीनियरिंग संस्थान में दाखिला लिया। उनकी पहली अंतरिक्ष उड़ान 2008 में थी। आईएसएस की उनकी वर्तमान यात्रा पिछले साल सोयुज एमएस-24 पर शुरू हुई थी।
