मॉस्को, रायटर। कोरोना महामारी के बीच रूस में घरेलू दवाओं की उत्पादों में कमी आई है। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए रूस अब विदेशों से कोरोना से जुड़ी दवाओं का आयात करने की कीशिश में है। यह जानकारी रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने मंगलवार को दी है। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आज यानी मंगलवार को कोरोना से 969 लोगों की मौत हुई है जो कि एक रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज की गईं मौतें हैं। इसलिए सरकार अब कोरोना से जुड़ी दवाएं दूसरे देशों से आयात करने की योजना बना रही है। 

रूस कोरोना वायरस के कई टीके और इसके इलाज के लिए घरेलू रूप से कुछ दवाओं का उत्पादन करता है, जिसमें कोरोनाविर (Coronavir) और अविफाविर (Avifavir) शामिल हैं। ये दोनों दवाईयां फेविपिरवीर पर आधारित हैं। जिसे जापान में विकसित किया गया था और कोरोना के इलाज के लिए इसे व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

व्यापार और उद्योग मंत्रालय के साथ जुटी सरकार

मंगलवार को वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ एक बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री मुराशको ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में फेविपिरवीर की आपूर्ति में समस्या आ रही है। उन्होंने कहा कि एंटी क्लॉटिंग एजेंटों की आपूर्ति मात्रा बढ़ी है। लेकिन अभी भी देश में नेटवर्क की कमी बनी हुई है और इसलिए हम विदेश से दवाओं की अतिरिक्त डिलीवरी मंगाने के लिए व्यापार और उद्योग मंत्रालय के साथ काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में कोरोना की स्थिति धीरे-धीरे कम हो रही है। मंगलवार को 26,402 नए मामले सामने आए हैं जो कि 27 नवंबर को रिकॉर्ड स्तर पर नए मामले पहुंच गए थे।

लॉकडाउन लगाने का विरोध

हालांकि प्रधान मंत्री मिखाइल मिशुस्तिन ने कहा कि रूस के 80 से अधिक क्षेत्रों में कोरोना के कारण स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। वहीं, रूस ने वायरस की दूसरी लहर के दौरान लॉकडाउन लगाने का विरोध किया है।

गौरतलब है कि 2,322,056 कोरोना के कुल संक्रमणों के साथ रूस दुनिया में चौथे स्थान पर बना हुआ है। पहले नंबर पर अमेरिका, भारत और ब्राजील और उसके बाद रूस है। कोरोना महामारी की शुरुआत से अब तक कोरोना से संबंधित 40,646 मौतें दर्ज की गई हैं। 

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