मॉस्को, आइएएनएस। पश्चिमी देशों ने आर्थिक प्रतिबंध लगाकर नुकसान पहुंचाने की जो कोशिश की थी, उसे रूस ने अपने बेहतर प्रबंधन से विफल कर दिया है। यह बात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कही है। उन्होंने कहा, 2014 में लगे प्रतिबंधों से रूस के करीब 50 अरब डॉलर का नुकसान हुआ लेकिन उसने अपने संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से इस नुकसान की भरपाई कर ली। पुतिन ने यह बात तास न्यूज एजेंसी से साक्षात्कार में कही है।

अमेरिका और यूरोपीय देशों ने 2014 में यूक्रेन से क्रीमिया को छीनने के बाद रूस पर प्रतिबंध लगा दिए थे। इन प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप रूस से होने वाला निर्यात काफी गिर गया और हजारों लोग बेरोजगार हो गए। साथ ही आयात भी घट गया। इसके बाद सरकार ने बेहतर प्रबंधन के जरिये तकनीक का विकास किया और जरूरी वस्तुओं का उत्पादन शुरू किया। साथ ही नई इकाइयों में बेरोजगार लोगों को खपाना शुरू किया। लेकिन कारोबार पर रोक लगने से यूरोपीय देशों को भी बड़ा नुकसान हुआ जिसकी वे बहुत कम भरपाई कर पाए।

प्रतिबंधों से निपटने के लिए जो कदम उठाए गए उनसे कृषि आधारित उद्योगों का तेजी से विकास हुआ। नतीजा यह हुआ कि खाद्यान्न का आयात करने वाला रूस गेहूं का बड़ा निर्यातक बन गया। अब वह इस मामले में अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया को टक्कर दे रहा है। इसके अतिरिक्त रूस ने डेयरी उत्पादों, पोल्ट्री और पोर्क के कारोबार को भी बढ़ाया, उनका निर्यात किया। इस सबसे रूस को 25 अरब डॉलर की धनराशि प्राप्त हुई। चालू वर्ष में इन सबके निर्यात से रूस को 24 अरब डॉलर और हथियारों के निर्यात से 15 अरब डॉलर की कमाई होने का अंदाजा है।

Posted By: Nitin Arora

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