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Russia Moon Mission: चंदा मामा के सफर पर निकला रूस का 'लूना-25 लैंडर', 23 अगस्त को करेगा लैंडिंग

रूस ने लगभग 50 साल बाद शुक्रवार को अपना मून मिशन लॉन्च किया। बता दें कि 1976 के बाद रूस ने अपना पहला लूना-25 मून लैंडर लॉन्च किया। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस ने सोयुज-2 रॉकेट की मदद से लूना-25 का प्रक्षेपण किया। लूना-25 मून लैंडर 23 अगस्त को चंदा मामा पर उतरेगा। मिशन का प्राथमिक लक्ष्य सॉफ्ट लैंडिंग तकनीक को बेहतर बनाना होगा।

By AgencyEdited By: Anurag GuptaFri, 11 Aug 2023 07:00 AM (IST)
रूस ने लॉन्च किया 'मून मिशन' (फोटो: एपी)

मॉस्को, एजेंसी। रूस ने लगभग 50 साल बाद शुक्रवार को अपना 'मून मिशन' लॉन्च किया। बता दें कि 1976 के बाद रूस ने अपना पहला लूना-25 मून लैंडर लॉन्च किया। इसे मास्को से लगभग 3,450 मील (5,550 किमी) पूरब में स्थित वोस्तोचनी कोस्मोड्रोम से स्थानीय समायानुसान सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर लॉन्च किया गया।

रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस ने सोयुज-2 रॉकेट की मदद से लूना-25 का प्रक्षेपण किया। लूना-25 मून लैंडर 23 अगस्त को चंदा मामा पर उतरेगा। हाल ही में भारत ने चंद्रयान-3 की सफल लॉन्चिग की थी जिसके बाद अब रूस ने भी मून मिशन को लॉन्च किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रक्षेपण के लगभग 564 सेकंड बाद फ्रीगेट बूस्टर रॉकेट के तीसरे चरण से अलग हो गया। लॉन्च के करीब एक घंटे बाद लूना-25 अंतरिक्ष यान बूस्टर से अलग हो जाएगा।

लैंडर में कई कैमरे मौजूद 

मिशन का प्राथमिक लक्ष्य सॉफ्ट लैंडिंग तकनीक को बेहतर बनाना होगा। बता दें कि अंतरिक्ष यान पानी सहित प्राकृतिक संसाधनों की तलाश करेगा। वहीं, लैंडर में कई कैमरे मौजूद हैं, जो लैंडिंग की टाइमलैप्स फुटेज और अद्भुत तस्वीरें कैद करेगा।

रोस्कोस्मोस की मानें तो लूना-25 और चंद्रयान-3, दोनों मिशन एक-दूसरे के रास्ते में नहीं आएंगे। एजेंसी के अनुसार, दोनों मिशन में लैंडिंग के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की योजना है।

सनद रहे कि दुनियाभर में मून मिशन की सफल लॉन्चिंग को उत्सुकता से देखा जा रहा है, क्योंकि यूरोप और अमेरिका यूक्रेन में युद्ध के बीच रूस को अलग-थलग करने के लिए काम कर रहे हैं।