ट्रंप की आक्रामकता के बीच रूस का बड़ा हमला, सैकड़ों ड्रोन-मिसाइलों से यूक्रेन में तबाही, पश्चिम को दी चेतावनी
शुक्रवार को रूस ने सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों से यूक्रेन पर बमबारी की, जिसमें कम से कम चार लोग मारे ...और पढ़ें

ट्रंप की आक्रामकता के बीच रूस का बड़ा हमला, सैकड़ों ड्रोन-मिसाइलों से यूक्रेन में तबाही (फोटो- रॉयटर)
HighLights
मिसाइल हमलों के कारण यूक्रेन की राजधानी में व्यापक बिजली कटौती हुई
रूस ने यूक्रेन पर शक्तिशाली, नई हाइपरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शुक्रवार को रूस ने सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों से यूक्रेन पर बमबारी की, जिसमें कम से कम चार लोग मारे गए और 25 घायल हो गए। यह हमला रात भर चला। पिछले चार वर्षों से चल रहे युद्धग्रस्त हालातों में, यह दूसरीबार है जब रूस ने शक्तिशाली, नई हाइपरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया, जिसने पश्चिमी यूक्रेन को निशाना बनाया। इसे कीव के नाटो सहयोगियों और पश्चिम को एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
रूस का यह कदम ऐसे समय आया है जब कुछ ही दिन पहले रूस द्वारा उत्तरी अटलांटिक में एक तेल टैंकर को अमेरिकी कब्जे में लेने की निंदा करने के बाद मॉस्को और वाशिंगटन के बीच संबंधों में खटास आ गई थी।
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मॉस्को को पंगु बनाने के लिए कड़े प्रतिबंधों के पैकेज की संभावना की ओर इशारा किया है, जिसने यूक्रेन पर अपनी अधिकतम मांगों से पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया है।
शुक्रवार को परमाणु क्षमता वाली ओरेश्निक मिसाइल का प्रक्षेपण यूक्रेन और उसके सहयोगियों द्वारा इस बात पर सहमति बनाने की दिशा में प्रगति की रिपोर्ट के बाद हुआ कि यदि कीव अमेरिका के साथ शांति समझौता करने में सफल होता है तो मॉस्को से बढ़ते आक्रमण से देश की रक्षा कैसे की जाए।
इन हमलों को उग्र और अस्वीकार्य बताते हुए यूरोपीय नेताओं ने इनकी निंदा की। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि ओरेश्निक मिसाइल का उद्देश्य अमेरिका और यूरोप को चेतावनी देना था।कल्लास ने सोशल मीडिया पर लिखा, "पुतिन शांति नहीं चाहते, कूटनीति के जवाब में रूस और अधिक मिसाइलें और विनाश कर रहा है।"
तबाही के बाद कीव सदमे में है
समाचार एजेंसी एपी ने मेयर विटाली क्लिट्स्को के हवाले से बताया कि मिसाइलों के कारण यूक्रेन की राजधानी में व्यापक बिजली कटौती हुई, क्योंकि दिन के समय तापमान लगभग माइनस 8 डिग्री सेल्सियस होने के कारण लगभग 6,000 इमारतें बिना हीटिंग के रह गईं।
उन्होंने आगे कहा कि नगरपालिका सेवाओं ने पोर्टेबल बॉयलर इकाइयों का उपयोग करके अस्पतालों और प्रसूति वार्डों सहित सार्वजनिक सुविधाओं में बिजली और ताप की आपूर्ति बहाल कर दी है।
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