मास्को, एएफपी। रूस के संविधान में कई बदलाव होने जा रहे हैं। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसके लिए संसद को कुछ प्रस्ताव सौंपे हैं। राष्ट्रपति के प्रस्तावों में संविधान में ईश्वर के उल्लेख के साथ ही विवाह की परिभाषा बदलने की बात कही गई है। रूसी राष्ट्रपति ने जनवरी में संविधान में पूरी तरह संशोधन का प्रस्ताव देकर राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था। देश में 1993 के बाद बुनियादी नियमों बदलाव का यह पहला प्रयास होगा।

दूसरी ओर राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि रूस ने अनोखे आक्रामक हथियार विकसित किए हैं। लेकिन उसका मकसद किसी के साथ युद्ध शुरू करना नहीं है बल्कि विश्व में 'रणनीतिक संतुलन' और 'रणनीतिक स्थायित्व' बनाए रखना है।

निचले सदन ने दो घंटे से भी कम समय में संविधान संशोधन विधेयक के पहले हिस्से को मंजूरी दे दी। दूसरे हिस्से के अगले सप्ताह पेश होने से पहले राष्ट्रपति ने संसद के स्पीकर व्याचेस्लेव वोलोदिन को नए प्रस्ताव सौंपे। रूसी संसद की ओर से जारी बयान के अनुसार राष्ट्रपति ने सभी घटकों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के बाद संशोधनों का प्रस्ताव किया है।

गौरतलब है कि अधिकांश रूसी कट्टरपंथी ईसाई के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन अधिकृत तौर पर रूस धर्मनिरपेक्ष है। नया संशोधन रूसी क्षेत्र छोड़ने पर प्रतिबंध लगाएगा और इस तरह कदम को प्रेरित करने वाले किसी आह्वान को भी रोकेगा।

Posted By: Manish Pandey

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