विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पुतिन के सामने 'रूसी ड्रोन वॉर मशीन' का प्रदर्शन, 600 ड्रोन्स ने आसमान में दिखाई ताकत

Published: Sat, 03 Oct 2026 11:08 AM (IST)

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने 'सेंटर 2026' सैन्य अभ्यास का आखिरी हिस्सा देखा, जहां ड्रोनों ने ठिकानों पर भारी बमबारी करके अपनी नई ताकत दिखाई।

HighLights

  1. पुतिन ने 'सेंटर 2026' सैन्य अभ्यास के अंतिम चरण का निरीक्षण किया।

  2. अभ्यास में ड्रोन तकनीक और रोबोटिक सिस्टम का शक्ति प्रदर्शन हुआ।

  3. चीन, पाकिस्तान सहित कई देशों ने इस युद्धाभ्यास में भागीदारी की।

डिजिटल डेस्क, मॉस्को। रूस के रणनीतिक सैन्य अभ्यास सेंटर 2026 के अंतिम चरण से बेहद चौंकाने वाले देखने को मिले, मैदान-ए-जंग में ड्रोनों ने लक्ष्यों पर भीषण बमबारी की, जिसके जोरदार धमाकों से पूरा इलाका दहल उठा।

समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 2 अक्टूबर को चेल्याबिंस्क क्षेत्र के चेबरकुलस्की ट्रेनिंग ग्राउंड पहुंचकर इस युद्धाभ्यास का निरीक्षण किया।

इन तस्वीरों और वीडियो से साफ पता चलता है कि आधुनिक युद्ध में रूस का ध्यान अब पूरी तरह से ड्रोन तकनीक और सटीक मारक क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित हो चुका है।

बाहरी खतरों से निपटने की तैयारी

अभ्यास के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्पष्ट किया कि इस व्यापक सैन्य ड्रिल का मुख्य उद्देश्य सेना के कमांडरों और शीर्ष अधिकारियों को किसी भी संभावित बाहरी खतरे और हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार करना है।

उन्होंने अभ्यास स्थल पर जाकर रणनीति और सैन्य तैयारियों की गहन समीक्षा की और जवानों का हौसला बढ़ाया।

मॉडर्न टेक्नोलॉजी का शक्ति प्रदर्शन

इस विशाल रणीतिक अभ्यास में 11 ट्रेनिंग रेंजों और कैस्पियन सागर में करीब 47,000 सैनिकों ने हिस्सा लिया, जबकि इसके अंतिम चरण में लगभग 6,000 सैनिक शामिल हुए।

रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव ने आधिकारिक बयान में जानकारी दी कि केवल चेबरकुलस्की ट्रेनिंग ग्राउंड पर ही करीब 700 सैन्य वाहन व हथियार, 600 से अधिक लड़ाकू ड्रोन और 60 से ज्यादा रोबोटिक सिस्टम युद्ध की तैयारी के लिए मैदान में उतारे गए थे।

चीन और पाकिस्तान समेत कई देशों ने लिया हिस्सा

रूस के इस रणनीतिक अभ्यास में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। इसमें चीन प्रमुख भागीदार के रूप में शामिल हुआ, जबकि बेलारूस, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, मंगोलिया और पाकिस्तान की सेनाओं ने भी युद्धाभ्यास में भागीदारी की।

इन देशों की सेनाओं को संयुक्त रूप से दुश्मन के किसी भी बाहरी हमले का एकजुट होकर मुकाबला करने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

नए जेट-संचालित जेरान ड्रोन का निरीक्षण

राष्ट्रपति पुतिन ने अभ्यास के दौरान नए जेट-इंजन वाले जेरान ड्रोनों का भी बारीकी से निरीक्षण किया। इन ड्रोनों का इस्तेमाल रूसी सेना यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध में करती रही है।

इससे यह स्पष्ट होता है कि रूस यूक्रेन संघर्ष के जमीनी अनुभवों और वहां सीखी गई रणनीतियों को तेजी से अपने सैन्य अभ्यासों और नई तकनीक में शामिल कर रहा है।

यह भी पढ़ें- 'यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए पीएम मोदी के पास बेहतरीन आइडिया', रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने की जमकर तारीफ

यह भी पढ़ें- रूसी सेना में शामिल होने के लिए नागरिकता छोड़ रहे भारतीय, विदेश मंत्रालय ने दी सख्त चेतावनी