Move to Jagran APP

पीएम मोदी ने रूस को बताया सदाबहार मित्र, कहा- 10 वर्षों में भारत का विकास सिर्फ ट्रेलर; अभी बहुत कुछ होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को रूस में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। उन्होंने रूस को सदाबहार मित्र बताया। भारत और रूस की दोस्ती हमेशा ही गर्मजोशी से भरी रही है। पीएम ने कहा कि पिछले 10 सालों में भारत की विकास की गति ने दुनिया को हैरान कर दिया है। पीएम मोदी ने रूस के दो शहरों में वाणिज्य दूतावास खोलने का भी एलान किया है।

By Jagran News Edited By: Ajay Kumar Tue, 09 Jul 2024 10:14 PM (IST)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन।

पीटीआई, मॉस्को। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को रूस के साथ भारत के संबंधों का जोरदारी से समर्थन करते हुए देश के पुराने सहयोगी को भारत का ''सदाबहार मित्र'' बताया। साथ ही उन्होंने पिछले दो दशकों के दौरान अपने नेतृत्व में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सराहना भी की।

भारत-रूस संबंध मजबूत स्तंभ

रूस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-रूस संबंध आपसी विश्वास और सम्मान के मजबूत स्तंभ पर बने हैं। दोनों के संबंधों की बार-बार परीक्षा हुई और हर बार वे और मजबूत हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने दशकों से चली आ रही ''प्रभाव-उन्मुख वैश्विक व्यवस्था'' की भी परोक्ष आलोचना की।

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी को मिला रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, अब तक 16 देश कर चुके हैं सम्मानित

पूरी दुनिया भारत की बात सुनती है

पीएम मोदी ने कहा, ''दुनिया को अभी जिस चीज की जरूरत है, वह है संगम, प्रभाव नहीं और यह संदेश भारत से बेहतर कोई नहीं दे सकता, जिसकी संगम की पूजा करने की मजबूत परंपरा रही है।'' उन्होंने कहा कि भारत को उभरती हई बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में एक मजबूत स्तंभ के रूप में देखा जा रहा है। जब वह शांति, संवाद और कूटनीति की बात करता है, तो पूरी दुनिया सुनती है।

रूस शब्द सुनते ही दिमाग में सुख-दुख का साथी आता है

रूस के साथ भारत के संबंधों पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा कि वह दशकों से दोनों देशों के बीच अद्वितीय साझेदारी के प्रशंसक रहे हैं। उन्होंने कहा, ''रूस शब्द सुनते ही हर भारतीय के दिमाग में सबसे पहले भारत का सुख-दुख का साथी और एक भरोसेमंद सहयोगी आता है। रूस में सर्दियों के दौरान तापमान चाहे कितना भी कम क्यों न हो जाए, भारत-रूस की दोस्ती हमेशा प्लस में और गर्मजोशी से भरी रही है। यह रिश्ता आपसी विश्वास और आपसी सम्मान की मजबूत नींव पर बना है।

17 बार पुतिन से मिले मोदी

पीएम ने कहा कि पिछले दो दशकों में भारत-रूस मैत्री को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए वह अपने मित्र पुतिन की विशेष सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में उनकी यह रूस की छठी यात्रा थी और इस दौरान दोनों नेताओं ने 17 बार मुलाकात की है। युद्ध के दौरान भारतीय छात्रों को निकालने में मदद करने के लिए पुतिन की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, ''इन सभी बैठकों ने हमारे आपसी विश्वास और सम्मान को बढ़ाया है। उन्होंने इसके लिए रूसी नेता और रूसी नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

दो नए वाणिज्य दूतावास खोलेगा भारत

दर्शकों की तालियों के बीच उन्होंने घोषणा की कि भारत दोनों देशों के बीच यात्रा और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए रूस में दो नए वाणिज्य दूतावास (कजान और येकातेरिनबर्ग) खोलेगा। साथ ही बताया कि दोनों देश चेन्नई-व्लादिवोस्तोक ईस्टर्न मेरीटाइम कॉरिडोर पर भी काम कर रहे हैं।

मोदी ने किया राज कपूर के गाने का जिक्र

राज कपूर पर फिल्माए गए प्रसिद्ध गीत 'सर पे लाल टोपी रूसी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी' को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह भले ही गीत पुराना हो, लेकिन इसकी भावनाएं सदाबहार हैं। दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों के बारे में बात करते उन्होंने अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती का भी उल्लेख किया, जिनके रूस में बड़ी संख्या में प्रशंसक हैं।

परिवर्तन के दौर से गुजर रहा भारत

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने पिछले 10 वर्षों में जो कुछ हासिल किया है, वह सिर्फ एक ट्रेलर है और आने वाले वर्षों में और भी बहुत कुछ होने वाला है। उन्होंने कहा कि भारत परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और पिछले 10 वर्षों में विकास की गति ने दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया है।

भारत बदल रहा है: मोदी

दुनिया भी अब इस बात को स्वीकार करती है जो वह अपने चुनाव अभियान के दौरान कहा करते थे कि 21वीं सदी भारत की है। भारत के विकास की तेज गति दुनिया की प्रगति में एक नया अध्याय लिखेगी। भारत बदल रहा है क्योंकि उसे अपने 140 करोड़ नागरिकों की ताकत पर विश्वास है जो अब विकसित भारत के अपने संकल्प को हकीकत में बदलने का सपना देख रहे हैं।

आखिरी गेंद और आखिरी क्षण तक हार नहीं मानता युवा

आज का भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है, 2014 से पहले की स्थिति के विपरीत जब देश निराशा में डूबा हुआ था और यह हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। इस संदर्भ में उन्होंने टी-20 विश्व कप में भारत की जीत का जिक्र किया और कहा कि विभिन्न खेलों में भारत की टीमें ऐतिहासिक प्रदर्शन कर रही हैं। आज का भारतीय युवा आखिरी गेंद और आखिरी क्षण तक हार नहीं मानता, वह पूर्ण आत्मविश्वास से भरा है।

चुनौतियों को चुनौती देना डीएनए में

पीएम ने कहा कि देश पेरिस ओलंपिक के लिए एक मजबूत टीम भेज रहा है और इसके एथलीट अपना दमखम दिखाएंगे। आज का भारत जो लक्ष्य तय करता है, उसे हासिल करता है। उन्होंने कहा कि सभी चुनौतियों को चुनौती देना उनके डीएनए में है और आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक विकास का एक नया अध्याय लिखेगा।

तीसरी बार सरकार बनना बड़ी बात

मोदी ने कहा कि ठीक एक महीने पहले उन्होंने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जब उन्होंने देश की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए तीन गुना ताकत और गति से काम करने का संकल्प लिया था। 60 वर्षों बाद भारत में लगातार तीसरी बार सरकार बनना अपने आप में बहुत बड़ी बात है।

पीएम ने बताया तीन नंबर का संयोग

पीएम ने कहा कि यह संयोग है कि सरकार के कई लक्ष्यों में तीन नंबर भी मौजूद है। सरकार का लक्ष्य तीसरे कार्यकाल में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना, गरीबों के लिए तीन करोड़ घर बनाना और तीन करोड़ लखपति दीदी बनाना है।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान भरतनाट्यम और गरबा प्रस्तुत करने वाले रूसी सांस्कृतिक दल के सदस्यों से बातचीत की और उनके साथ फोटो खिचंवाए। उनमें से अधिकांश ने बाद में मोदी के साथ अपनी संक्षिप्त मुलाकात को अविस्मरणीय अनुभव बताया। प्रधानमंत्री मोदी यह जानने के लिए उत्सुक थे कि क्या वे सभी हिंदी बोल सकते हैं, जिस पर कलाकारों ने जवाब दिया, ''थोड़ा थोड़ा।'

यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री के पहुंचने से पहले ऑस्ट्रिया में गूंजा 'मोदी है तो मुमकिन है'