मॉस्को (एएनआई)। पिछले दिनों 11 फरवरी को रूस के एक विमान के क्रैश होने के कारणों का पता चल गया है। बताया जा रहा है कि इस दुर्घटना के पीछे विमान का पायलट जिम्मेदार है। जांचकर्ताओं के अनुसार, पायलट विमान की हीटिंग यूनिट को बंद करने में असफल हो गया था जिसके कारण उसे गलत सूचना मिलने लगी जिसका ये परिणाम भुगतना पड़ा ।

रूसी अंतरराज्यीय विमानन समिति के हवाले से द न्यूयॉर्क पोस्ट ने बताया कि, उड़ान में एक विशेष स्थिति के पैदा हो जाने पर विमान में मौजूद इंडीकेटर से उड़ान की गति के बारे में गलत जानकारी जारी की जाने लगी। दूसरी तरफ विमान के हीटिंग सिस्टम भी बंद हो गए थे।

आगे कहा गया कि विमान के टेकऑफ करने पर 1300 मीटर की उंचाई पर पहुंचने के 2 मिनट 30 सेकंड के बाद ये विशेष स्थिति बननी शुरु हो गई। इसके बाद इंडीकेटर में विमान की स्पीड 465-470 किमी प्रति घंटे बताने लगा। विमान को जमीन पर उतारने से पहले, विमान में मौजूद दो सेंसर में से एक 0 किमी की गति दिखा रहा था जबकि दूसरे में 800 किमी की गति दिखाई गई थी।

रूसी अंतरराज्यीय विमानन समिति ने हालांकि कॉकपिट में हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग प्राप्त कर ली है लेकिन अभी तक इसकी समीक्षा नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि विमान की उड़ान सुरक्षा के नियमों और विमान संचालन नियमों के उल्लंघन के आरोपों पर एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।

11 फरवरी को, सर्टोव एयरलाइंस द्वारा चलाए जा रहे रूसी विमान एंटोनोव A -144 K उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें मौजूद सभी 71 लोगों की मौत हो गई थी। क्रैश विमान के मलबे मॉस्को इलाके के रामसेस्की जिले में पाए गए। बता दें कि विमान मास्को के डोमोदोवो हवाई अड्डे से ओर्स्क की तरफ उड़ान भर रहा था।

By Srishti Verma