यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 23, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अमेरिका के नए एनएसए ने कहा, पाकिस्तान पर हो सख्ती
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एचआर मैकमास्टर को हटाकर बोल्टन को एनएसए नियुक्त किया है। व्हाइट हाउस में उच्च स्तर पर यह ताजा फेरबदल है।

वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिका के नव नियुक्त राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जान बोल्टन ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त लहजे में टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि परमाणु हथियारों से लैस भारत का यह पड़ोसी मुल्क आतंकी देश बन सकता है। उनका मानना है कि पाकिस्तान इस्लामिक कट्टरता और आतंक के बीच झूल रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एचआर मैकमास्टर को हटाकर बोल्टन को एनएसए नियुक्त किया है। व्हाइट हाउस में उच्च स्तर पर यह ताजा फेरबदल है।
पिछले हफ्ते मैकमास्टर को बर्खास्त करने की खबरों को खारिज करते हुए व्हाइट हाउस ने कोई बदलाव होने से इन्कार किया था। ट्रंप ने शुक्रवार को खुद ट्वीट के माध्यम से एनएसए मैकमास्टर को हटाने की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि जॉन बोल्टन नौ अप्रैल से हमारे नए एनएसए होंगे। नौ अप्रैल को मैकमास्टर औपचारिक रूप से अपना पदभार बोल्टन को सौंपेंगे।'
अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा अफगानिस्तान पर प्रशासन की नीति घोषित करने के बाद बोल्टन ने एक साक्षात्कार में कहा था कि राष्ट्रपति पाकिस्तान पर दबाव बनाना चहते हैं। वह इससे सहमत हैं। पूर्व राष्ट्रपति ओबामा पर्याप्त दबाव बनाने में विफल रहे थे। पाकिस्तान को हम तब तक दबाव में रखने जा रहे हैं जब तक वह तालिबान, हक्कानी नेटवर्क, गुलबुद्दीन हेकमती को अपने यहां मिले सुरक्षित ठिकाने से वापस अफगानिस्तान खदेड़ नहीं देता। उसे इन आतंकी संगठनों को हथियारों की आपूर्ति और आर्थिक मदद भी बंद करनी होगी। बोल्टन ने कहा कि इस रुख की सबसे बड़ी समस्या यही है कि पाकिस्तानियों में अमेरिका विरोधी भावना बढ़ जाएगी और इससे इस्लामिक कट्टरता और तालिबान को बल मिल सकता है।
कौन हैं बोल्टन
69 वर्षीय बोल्टन 2005-06 के बीच संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत थे। 2012 में रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति प्रत्याशी मिट्ट रोमनेय के विदेश नीति सलाहकार रहे। कई कंजरवेटिव थिंक टैंक से संबद्ध बोल्टन ईरान समझौते के खिलाफ हैं और इराक युद्ध के समर्थक हैं। वह सीरिया, लीबिया और ईरान में सत्ता परिवर्तन के लिए सैन्य कार्रवाई का समर्थन करते हैं। वर्तमान में वह राइट विंग अमेरिकन इंटरप्राइज इंस्टीट्यूट में सीनियर फेलो हैं। वह फ्रीडम कैपिटल इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के सीनियर एडवाइजर, फाक्स न्यूज कमेंटेटर और वाशिंगटन के एक लॉ फर्म में परामर्शदाता भी हैं।
