लाहौर, प्रेट्र। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में इंटरनेट मीडिया पर ईशनिंदा के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ईशनिंदा मामले में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद या फांसी की सजा हो सकती है। संघीय जांच एजेंसी (एफआइए) ने सोमवार को मुहम्मद उस्मान शफीक और मैसाम अब्बास को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ फेसबुक पर और वाट्सएप ग्रुप में हजरत और कुरान का अपमान करने की शिकायत की गई थी।

उस्मान लाहौर का है और मैसाम पंजाब के मंडी बहाउद्दीन जिले का रहने वाला है। दोनों फेसबुक फ्रेंड हैं। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में आमतौर पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के खिलाफ ईशनिंदा कानून का दुरुपयोग हो रहा है। जमीन और संपत्ति पर कब्जा करने और निजी दुश्मनी साधने के लिए इस कानून का सहारा लिया जाता है। यहां तक कि इस्लाम का अपमान करने की अफवाह पर उन्मादी भीड़ द्वारा हिंसा और जानलेवा हमले की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

चीनी नागरिक की सुरक्षा पर चीन व पाकिस्तान की हुई बात

चीन के प्रधानमंत्री ली कछ्यांग और उनके पाकिस्तानी समकक्ष शहबाज शरीफ के बीच सोमवार को हुई पहली बातचीत में पाकिस्तान में कार्यरत चीनी नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाने और 60 अरब डालर (467048 रुपये से अधिक) की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया। खबरों के अनुसार, पिछले महीने कराची विश्वविद्यालय में आत्मघाती बम हमले के बाद से सीपीईसी परियोजनाओं के लिए पाकिस्तान में तैनात बड़ी संख्या में चीनी कामगारों ने देश छोड़ना शुरू कर दिया है। हमले में चीनी भाषा के तीन शिक्षक मारे गए थे और एक अन्य घायल हो गया था। पाकिस्तानी अखबार 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने बताया है कि शरीफ ने टेलीफोन पर हुई बातचीत में ली को पाकिस्तान में काम कर रहे चीनी नागरिकों के लिए 'सुरक्षा बढ़ाने' का आश्वासन दिया।

Edited By: Monika Minal