वाशिंगटन, प्रेट्र। आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को आखिरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से बड़ा सहारा मिल गया है। आइएमएफ ने पाकिस्तान को छह अरब डॉलर (करीब 41 हजार करोड़ रुपये) का कर्ज दिए जाने पर मुहर लगा दी है। आइएमएफ ने इसके लिए कड़ी शर्ते भी लगाई हैं। इनके तहत पाकिस्तान को आगामी तीन वर्षो में खर्चो में कटौती के कड़े उपाय करने होंगे।

IMF के प्रवक्ता गैरी राइस ने बुधवार को कहा, 'IMF के कार्यकारी बोर्ड ने पाकिस्तान की आर्थिक योजना की सहायता के लिए छह अरब डॉलर के कर्ज को मंजूरी दी है। यह कर्ज इस देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और लोगों की जीवन दशा को बेहतर करने के मकसद से दिया गया है।'

उन्होंने बताया कि छह अरब डॉलर की इस आर्थिक मदद के तहत पाकिस्तान को भुगतान संकट का समाधान करने के लिए तत्काल एक अरब डॉलर की रकम दी जाएगी। बाकी राशि एक कार्यक्रम के तहत तीन वर्ष की तय अवधि के दौरान दी जाएगी।

इस अवधि के दौरान चार बार तिमाही और इतने ही बार अर्ध वार्षिक समीक्षा भी की जाएगी। इससे जाहिर होता है कि आने वाले तीन वर्षो के दौरान पाकिस्तान को खर्चो में कटौती के कड़े उपाय करने होंगे। प्रधानमंत्री इमरान खान के वित्तीय मामलों के सलाहकार डॉ अब्दुल हफीज शेख ने भी आइएमएफ से कर्ज को मंजूरी मिलने की पुष्टि की है।

22वीं बार बेलआउट पैकेज
पाकिस्तान साल 1950 में आइएमएफ का सदस्य बना था। तब से पाकिस्तान इस अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संगठन से 21 बार आर्थिक मदद पा चुका है। यह 22वां मौका है, जब उसे आइएमएफ से बेलआउट पैकेज मंजूर हुआ है।

इमरान सरकार ने पिछले साल लगाई थी गुहार
सत्ता में आने के बाद इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले साल अगस्त में बेलआउट पैकेज के लिए IMF से गुहार लगाई थी। बेलआउट पैकेज पर लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों में पिछले माह सहमति बनी थी।

इन देशों से भी मिली मदद

  • चीन ने जमा और वाणिज्यिक कर्ज के तौर पर 4.6 करोड़ डॉलर दिए
  • सऊदी अरब ने तीन अरब डॉलर नकद और 3.2 अरब डॉलर का तेल दिया
  • संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से दो अरब डॉलर मिले
  • कतर भी तीन अरब डॉलर की आर्थिक मदद की घोषणा कर चुका है

Posted By: Dhyanendra Singh

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